पिता की अनदेखी व वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण ट्रिब्यूनल के आदेशों का उल्लंघन करने पर बेटे को 15 दिन कैद की सजा सुनाई गई। बृहस्पतिवार को ट्रिब्यूनल में सुनवाई के दौरान इसके चेयरमैन एवं एसडीएम यशेंद्र सिंह, सदस्य अनीशपाल व राजेश आर्य मौजूद थे।
पिछली सुनवाई के दौरान ट्रिब्यूनल ने डबुआ कॉलोनी निवासी गंगाराम की शिकायत पर उनके पुत्र संदीप को मकान खाली करने का आदेश दिया था। संदीप ने इस आदेश की पालना करने का शपथ पत्र भी कोर्ट में जमा कराया था। लेकिन संदीप ने मकान खाली नहीं किया।
गंगाराम ने दोबारा ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटाया। अब ट्रिब्यूनल ने संदीप को 15 दिन के लिए जेल भेजने की सजा सुनाई। एक अन्य मामले में एनआईटी में रहने वाली रामकली ने अपने पुत्र अशोक शर्मा के खिलाफ शिकायत दी, जिसमें अपने पुत्र पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया था। इस मामले में ट्रिब्यूनल ने अशोक शर्मा को घर में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए। ताकि बुजुर्ग के प्रति परिवार के व्यवहार का पता चले।
एनआईटी निवासी लाखन सिंह व रूपवती की शिकायत की सुनवाई के दौरान उनके आरोपी पुत्र शिवराज की अनुपस्थिति पर ट्रिब्यूनल ने शिवराज के खिलाफ जमानती वारंट जारी करने के निर्देश दिए।