खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने की जिम्मेदारी खाद्य व सुरक्षा विभाग के साथ जनता की भी बनती है। अगर लोग सहयोग न करें तो मिलावट खोरों पर नकेल कसना मुश्किल हो जाएगा।
विभाग के अनुसार, आम लोगों को पता होता है कि कहां कैसा सामान मिल रहा है लेकिन वे इसकी जानकारी कभी विभाग में आकर नहीं देते। जिस कारण कई बार विभाग मिलावटखोरों तक नहीं पहुंच पाता। विभाग के पास प्रतिमाह औसतन सिर्फ चार से पांच शिकायतें ही आती हैं।
ये शिकायतें भी आमतौर पर त्योहारों से पहले मिलती हैं। विभाग के कर्मचारी दीनदयाल ने बताया कि यदि जनता मिलावट या नकली चीजों के बारे में सही जानकारी देने लग जाए तो इस चीज पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है।
जिला खाद्य व सुरक्षा अधिकारी डॉ. डीके शर्मा ने बताया कि मिलावट रोकने को लेकर लोगों में जागरूकता कम है। अधिकांश लोग सोचते हैं कि कौन इस पचड़े में पड़े। इसलिए वे चीजों को देखने के बाद भी ऐसी गतिविधियों को अनदेखा कर देते हैं।
गोपनीय रखा जाएगा नाम
- मिलावट संबंधित शिकायत सिविल सर्जन कार्यालय के नंबर 0129-2415623 पर दी जा सकती है। इसके अलावा लिखित में भी शिकायत हो सकती है। शिकायत पर 48 घंटे में कार्रवाई की जाएगी, नाम गोपनीय रखा जाएगा।