अब कोई निजी क्लीनिक स्त्री रोग विशेषज्ञ को क्यों हटा रहे हैं, उन्हें इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को देनी होगी। ताकि कोई विशेषज्ञ अपना क्लीनिक खोले तो उसकी जानकारी विभाग को मिल जाए। इससे भ्रूण हत्या रोकने में मदद मिलेगी। पीएनएडीटी (प्री-कनसेप्शन एंड प्री-नेटेल डायग्नोस्टिक टेक्निक) एक्ट-1994 में हुए बदलाव के बाद यह निर्णय लिया गया है।
इस बाबत शुक्रवार को सिविल सर्जन ने निजी अस्पतालों और क्लीनिकों के प्रबंधकों को जानकारी दी। सिविल सर्जन डॉ. रामेंद्र सिंह ने बताया कि नए नियमों के अनुसार निजी क्लीनिक, नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड केंद्रों को अपने यहां बदले जाने वाले विशेषज्ञों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को एक माह पूर्व में देनी होगी। जबकि कर्मी द्वारा संस्थान तत्काल छोड़े जाने पर यह जानकारी 24 घंटे के अंदर देनी होगी। कोई मशीन या केंद्र बदलता है तो इसकी जानकारी विभाग लेगा।