तीन महीने से वेतन न मिलने से नाराज नगर निगम के चालकों ने सोमवार को निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। चालकों ने निगम अफसरों पर शोषण करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि बच्चों को फीस देने के लिए पैसे नहीं हैं। होली का त्योहार आने वाला है लेकिन आज तक उनके वेतन नहीं दिया गया।
ठेके पर नगर निगम के तीनों जोन के 105 चालक सोमवार को अपने-अपने वाहन लेकर फायर ब्रिगेड कार्यालय पहुंचे और वहां वाहन खड़ाकर जुलूस की शक्ल में निगम मुख्यालय पहुंचे। वहां पर निगम अफसरों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
चालकों का आरोप है कि कई चालक 10-15 साल से कार्यरत हैं लेकिन उन्हें आज तक स्थायी नहीं किया गया। तीन महीने से वेतन नहीं दिया जा रहा है। पहले वाले ठेकेदार ने चार साल तक 1400 रुपये की दर पीएफ काटा था, उसका आज तक पता नहीं चला।
ईएसआई तक की सुविधा उन्हें नहीं मिलती। सरकार की ओर से वेतन बढ़ाया गया है लेकिन उसे दिया नहीं जा रहा। प्रदर्शन में वेदप्रकाश, बलराज लांबा, वीरेंद्र सिंह नागर, धर्मराज, संतराज, परशराम, महेश कुमार आदि शामिल रहे। उधर संयुक्त आयुक्त आशिमा सांगवान का कहना है कि जल्द ही चालकों का वेतन दे दिया जाएगा।