सूरजकुंड मेले में इस बार करनाल जेल के कैदियों द्वारा हस्तनिर्मित वस्तुओं की प्रदर्शनी भी लगाई गई है। मेले में लगे 129 नंबर स्टाल पर 250 कैदियों की कला का प्रदर्शन किया गया।
स्टॉल पर कैदियों द्वारा हस्तनिर्मित शोपीस, मोमबत्ती, कंबल, लेडीज पर्स व बैग, अखबार से तैयार डलिया, छोटी पलंग जैसे सैकड़ों सामान रखे गए हैं। हालांकि ये उत्पाद बेचे नहीं जाएंगे। बल्कि सिर्फ कैदियों का हुनर दिखाने के लिए रखे गए हैं।
स्टॉल इंचार्ज धर्मजीत शर्मा, राम स्वरूप व राजेश कुमार दहिया ने बताया कि जिन कैदियों ने इन सामानों को तैयार किया है वह गंभीर अपराधों की सजा काट रहे हैं। जेल प्रशासन ने अपना सहयोग देकर इन्हें हस्तकला में निपुण बनाया है। करनाल जेल में चलाए जा रहे सुधारीकरण मिशन के तहत 250 कैदियों ने सधे हुए हाथों से घरेलू साजो सामान तैयार किए हैं।
करनाल जेल प्रशासन कैदियों को व्यवसायिक शिक्षा, दस्तकारी, पेंटिंग, ड्रॉइंग, कंप्यूटर शिक्षा, मधुमक्खी पालन, पशुपालन, कृषि विज्ञान शिक्षा, कलाकृति शिक्षा, पर्यावरण शिक्षा, ध्यान योग शिक्षा, संगीत कला शिक्षा व हस्तनिर्मित वस्तुओं के बारे में प्रशिक्षण दे रहा है। ताकि जेल से बाहर जाकर कैदी स्वरोजगार के जरिए एक आदर्श नागरिक का जीवन जी सकें। जेल अधीक्षक शेर सिंह को इन सुधारात्मक कार्यों के लिए गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने राष्ट्रीय अवॉर्ड से सम्मानित किया है।