मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद निगम की पहली नजर उन सड़कों पर है जो लंबे समय से खस्ताहाल पड़ी हैं। अनेकों बार मांग करने के बाद भी इन सड़कों को पैसे के अभाव में बनाया नहीं जा सका। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अक्तूबर माह में फरीदाबाद में सड़कों के विकास के लिए 50 करोड़ रुपयेे देने की घोषणा की थी। निगम अधिकारियों का अनुमान है कि इस माह यह ग्रंाट प्राप्त हो सकती है। निगम के अधिकारी ग्रांट मिलने से पहले ही उसके खर्च की तैयारी में जुटे गए हैं। सबसे पहले निगम इस पैसे से उन सड़कों को बनाने की योजना बना रहा है, जो लंबे समय से बेहाल हैं। जनता भी इन सड़कों से परेशान हो चुकी है, और कई बार इन्हें बनाने के लिए निगम से मांग कर चुकी है। लेकिन निगम आज तक पैसे के अभाव में इन सड़कों को नहीं बनवा पाया।
निगम के कार्यकारी अभियंता अनिल मेहता के मुताबिक इस ग्रांट के लिए प्राथमिकता के आधार पर 23 सड़कों को चिन्हित किया गया है। इनमें शहर के सभी इलाकों का ध्यान रखा गया है, किसी एक ही इलाके में सभी सड़कों पर काम नहीं किया जाएगा। इस बारे में 14 नवंबर को चीफ इंजीनियर ने नगर निगम में एक बैठक भी ली थी। इसमें नक्शे के आधार पर सभी रोड पर विचार विमर्श किया गया। अभियंता का कहना है कि अभी पूरी तरह से सड़कों की सूची फाइनल नहीं हुई है, इसमें फेरबदल हो सकती है।
पहले बनेंगी यह सड़कें
नीलम-बाटा रोड, बाटा-हार्डवेयर रोड, हितकारी-बुद्ध विहार रोड, संतों के गुरूद्वारे वाली रोड, सलूजा पेट्रोल पंप से केसी रोड, सेक्टर-22 व सेक्टर 23 की मेन रोड, अंबेडकर चौक के पास वाली रोड आदि।