प्रश्नपत्र तो पहुंचा दिए गए, लेकिन बोर्ड अधिकारी स्कूलों का कोड देना ही भूल गए। जिससे केंद्रों पर आधा से एक घंटे देरी से परीक्षा शुरू हो सकी।
स्कूलों से भेजे गए प्रतिनिधियों को प्रश्नपत्र हासिल करने के लिए घंटों खंड मौलिक शिक्षा अधिकारी फरीदाबाद और बल्लभगढ़ कार्यालय पर खड़े रहना पड़ा। खंड शिक्षा अधिकारियों ने मामले की जानकारी डीईओ राजीव अरोड़ा को दी। इसके बाद स्कूलों की कोड सूची कार्यालयों पर पहुंच सकी।
इसकी वजह से कई स्कूलों में परीक्षा निर्धारित वक्त पर शुरू नहीं हो सकी। मजबूरन अधिकारियों को परीक्षा समय परिवर्तित करना पड़ा। सुबह 11:00 बजे की बजाए 11:30 बजे से परीक्षा शुरू हुई।
वहीं, बल्लभगढ़ खंड के कुछ स्कूलों में इस समय के बाद प्रश्नपत्र पहुंचे। देरी पर स्कूल में विद्यार्थियों ने हंगामा शुरू कर दिया। फिर स्कूलों ने उच्चाधिकारियों से बात कर परीक्षा दोपहर 12:00 से 2:30 तक कराई।
खंड मौलिक शिक्षा अधिकारी रितु चौधरी व डीसी चौधरी ने बताया कि प्रश्नपत्र समय पर बांटने के लिए कर्मचारी तैनात थे। लेकिन बिना स्कूल कोड नंबर के प्रश्नपत्र का वितरण नहीं किया जा सकता था। इसी वजह से अधिकारियों, शिक्षकों व विद्यार्थियों को परेशानी हुई।
आइडियल प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के मुख्य संरक्षक आरके शर्मा ने बताया कि यह गलती बोर्ड ने पहली बार नहीं की है। इस प्रकार की लापरवाही हर वर्ष की जाती है। इस बार खंड स्तर पर प्रश्नपत्र वितरण होना था। जिससे उसकी खामियां उजागर हो गईं।