स्पैट (स्पोर्ट्स एंड फिजिकल एप्टीट्यूड टेस्ट) को लेकर लापरवाही बरतने वाले निजी स्कूलों पर शिक्षा विभाग शिकंजा कसने की तैयारी कर रहा है। विभाग द्वारा ऐसे सभी स्कूल को नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है जिन्होंने स्पैट का पहला चरण नहीं करवाया है।
प्रदेश सरकार द्वारा खेल को बढ़ावा देने के लिए शुरू किए गए स्पैट का पहला चरण 15 नवंबर को खत्म हो गया। इसके बावजूद कई स्कूल में ट्रायल आयोजित नहीं हुआ। पहले चरण के लिए जिले में 40 हजार बच्चों को शामिल करने का लक्ष्य तय किया गया था। लेकिन केवल 25 हजार बच्चाें ने ही ट्रायल में भाग लिया।
पहला चरण पास करने के बाद दूसरे चरण में खेल विभाग टेस्ट लेता है। खेल विभाग के अधिकारियों के अनुसार निजी व सरकारी दोनों स्कूल स्पैट में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। स्कूलों की इस लापरवाही पर शिक्षा विभाग को शिकायत की गई थी। शिक्षा निदेशक को पत्र लिखा गया था। लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा निदेशक ने शिक्षा अधिकारियों को इसके लिए फटकार लगाई है। साथ ही स्पैट को लेकर निजी स्कू लों पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी राजीव अरोड़ा ने बताया कि सरकारी स्कूलाें में स्पैट की स्थिति संतोषजनक है। लेकिन निजी स्कूल ने लापरवाही बरती है। इसको लेकर रिपोर्ट मंगाई गई है। रिपोर्ट आने के बाद स्कूलों को नोटिस जारी करके जवाब मांगा जाएगा।
‘स्पैट को लेकर निजी स्कूल को गंभीरता बरतनी चाहिए। काफी कम बच्चाें ने पहले चरण में भाग लिया है। इसके लिए शिक्षा विभाग को सूचित कर दिया गया है।’
-सत्यप्रकाश राणा, जिला खेल अधिकारी