परिवार की सलामती एवं सुख-समृद्धि के लिए मनाए जाने वाला छठ पर्व शनिवार को धूमधाम से संपन्न हो गया। सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर श्रद्धालुओं ने व्रत तोड़ा।
इस उत्सव में बिहार एवं पूर्वांचल वासियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। घाटों पर तड़के चार बजे से ही भक्त आने शुरू हो गए थे। ताकि वे जगह लेकर सूर्य देवता की प्रार्थना कर सकें।
शहर में 50 से अधिक स्थानों पर छठ पूजा कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां पर लोगों ने दौरियों में पेड़ पर लगने वाले पांच फल, जमीन में पैदा होने वाली पांच चीजें एवं पांच-पांच मेवे रखकर अर्घ्य दिया।
कई जगहों पर लोगों ने मनौती पूरी होने पर अपने बच्चों का मुंडन संस्कार करवाया। कई लोगों ने आंचल डांस करवाया, जिसमें मनौती पूरी होने के बाद महिलाएं अपने गीले आंचल को जमीन पर फैलाकर उस पर किसी से खुशी में डांस करवाती हैं।
इन स्थानों पर व्रती महिलाओं ने पारंपरिक गीत सुनाए। बाट जे पूछेला बटोहिया, ई दल कहवां जाए, कोपि-कोपि बोलेली छठ माता सुनुए सेवक लोग...एवं उग हो सुरज देव..., कांचे ही बांस के बहंगिया बहंगी लचकत जाए....जैसे गीतों को गाते हुए भक्तों ने छठ मैया एवं सूर्यदेव की आराधना की।
अलग-अलग छठ घाटों पर श्रम एवं रोजगार मंत्री शिवचरणलाल शर्मा, सांसद अवतार भड़ाना, विधायक आनंद कौशिक, सीनियर डिप्टी मेयर मुकेश शर्मा एवं श्रमिक नेता बेचू गिरी आदि भी मौजूद रहे।