फरीदाबाद। नर्सरी स्कूलों में दाखिले को लेकर मारामारी मची है। कई स्कूलों में डोनेशन के नाम पर एक लाख रुपये तक अतिरिक्त देने पड़ रहे हैं। हमने बुधवार को बल्लभगढ़ के एक बड़े स्कूल में नर्सरी दाखिले के लिए फोन किया।
स्कूल की एक कर्मी ने फोन उठाया और कहा कि 750 रुपये रजिस्ट्रेशन चार्ज (फार्म का) लगेगा। लगभग 40 हजार रुपये एडमिशन फीस और 15 हजार रुपये प्रतिमाह फीस लगेगी। बाकी चार चार्ज अलग हैं, जिन्हें फोन पर नहीं बताया जाएगा। सिर्फ दो सप्ताह शेष रह गए हैं, जल्दी करेंगे तो अच्छा रहेगा...।
कमोबेश ऐसी ही स्थिति अन्य स्कूलों की भी है, जो चार्ज फोन पर नहीं बताए जाते उन्हीं में से एक होता है डोनेशन। फरीदाबाद अभिभावक एकता मंच के प्रधान एनएल जांगिड़ का कहना है कि 20-25 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक डोनेशन के मांगे जा रहे हैं। स्कूल इसका कोई लिखित नहीं देता। डोनेशन लेेने का तरीका भी बदल गया है।
पहले जहां डोनेशन लेने पर अभिभावकाें को किसी संस्था की रसीद दी जाती थी। वहीं अब स्कूलाें ने एक कदम आगे बढ़कर खाली पर्ची देनी शुरू कर दी है, ताकि कोई केस न कर सके। स्कूलाें के डर से कोई भी लिखित शिकायत देने के लिए तैयार नहीं है। क्योंकि जहां शिकायत की वहीं स्कूल बच्चे को प्रताड़ित करने लगेगा। इसलिए निजी स्कूलों की मनमानी जारी है।
-----------
मोटी फीस के बाद भी ट्यूशन
-स्कूलाें में नर्सरी के बच्चे के लिए इतनी मोटी फीस देने के बाद भी बच्चे को घर वाले ट्यूशन भेजते हैं, क्योंकि स्कूलों की पढ़ाई से काम नहीं चलता। अच्छे नंबर नहीं आते। स्कूल के शिक्षकों द्वारा भी बच्चाें पर ट्यूशन लेने का दबाव बनाया जाता है।
------------
-हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल कांफ्रेंस के प्रदेश अध्यक्ष एसएस गोसाईं के अनुसार महंगाई के दौर में स्कूलाें को भी बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती है। ऐसे में मजबूरन स्कूलों को पैसा लेना पड़ता है। पैसा नहीं लेंगे तो अच्छे टीचर नहीं मिलेंगे। अच्छी पढ़ाई नहीं होगी।