फरीदाबाद। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस शहर में धूमधाम से मनाया गया। कहीं अधिकारों को लेकर कार्यक्रम हुआ तो कहीं प्रदर्शन। कामकाजी महिलाआें ने शुक्रवार को महिलाआें के प्रति सरकार द्वारा अपनाए जा रहे उदासीन रवैये के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। इस दौरान बीके चौक से लेकर नीलम चौक तक जाम लग गया।
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के तत्वावधान में आयोजित प्रदर्शन में सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमाें मेें कार्यरत कामकाजी महिलाआें एवं आंगनबाड़ी, आशा व मिड-डे मील कार्यकर्ताआें ने भाग लिया। इस दौरान उपायुक्त को मुख्यमंत्री के नाम प्रेषित 17 सूत्री मांगपत्र दिया गया। संघ की राज्य उपप्रधान आशा शर्मा, नरेश शास्त्री, जिला सचिव रूपराम तेवतिया व वित्त सचिव युद्धवीर सिंह खत्री ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया।
नीलम फ्लाईओवर के पास हिंद मजदूर सभा के प्रांगण में इस मौके पर कामकाजी महिलाओं की एक सभा हुई, जिसमें उद्योगों में काम करने वाली महिला श्रमिकों की समस्याओं के समाधान की मांग की गई। इस मौके पर श्रमिक नेता आरडी यादव ने कहा कि कामकाजी महिलाओं को कार्यस्थल तक जाने के लिए बसों की कोई सुविधा नहीं हैं, उन्हें प्राइवेट वाहनाें में जान जोखिम में डालकर जाना पड़ता है।
उधर, सांसद अवतार सिंह भड़ाना की पुत्री एकता भड़ाना ने सावित्री पॉलिटेक्निक में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। तिगांव क्षेत्र के घरौंडा स्थित विद्यासागर इंटरनेशनल स्कूल में महिला दिवस पर बच्चों ने अपने अध्यापकों को गिफ्ट भेंट किए। महिला दिवस पर प्रयास सोशल वेलफेयर सोसायटी की ओर से महिलाओं को सिलाई मशीन प्रदान की गई।
इस मौके पर आरजी स्टोन की ओर से स्त्री रोग जांच शिविर का आयोजन किया गया। इसमें 180 महिलाओं की जांच की गई। फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल ने मानव रचना यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर महिला दिवस मनाया। यूनिवर्सिटी में एक स्वास्थ्य वार्ता का आयोजन किया गया। इस मौके पर महिला स्पेशल ट्रेन में भी कार्यक्रम हुआ। इसमें महिलाओं के सशक्तीकरण पर नुक्कड़ नाटक आयोजित हुआ।
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प्रदर्शन कर महिलाओं ने मांगा हक:
-समान काम के लिए समान वेतन मिले।
-40 वर्ष की आयु के बाद स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताआें को देखते हुए 15 प्रतिशत आकस्मिक छुट्टियां अतिरिक्त मिलें।
-कार्यस्थल पर महिलाआें की सुरक्षा की व्यवस्था हो।
-हर विभाग में यौन उत्पीड़न विरोधी कमेटियां गठित हों।
-कार्यस्थलों पर शिशु पालना गृहाें की व्यवस्था हो।
-महिला दिवस पर सरकारी छुट्टी घोषित हो।
-कन्या भ्रूण हत्या में संलिप्त डॉक्टराें के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।