सूरजकुंड(फरीदाबाद)। सूरजकुंड मेले में शनिवार शाम को नाट्यशाला में हुए करघा नृत्य द्वारा भगवान की भक्ति की गई। कर्नाटक के कलाकाराें ने शानदार प्रस्तुति देकर पूरी तरह से रंग जमा दिया। नृत्य में करीब 15 कलाकाराें नेे भाग लिया।
शनिवार को दोपहर दो बजे लोगाें ने मेले में प्रवेश किया। लेकिन शाम तक मेले में पर्यटकाें की संख्या काफी बढ़ गई। शाम को नाट्यशाला में करघा नृत्य में कर्नाटक संस्कृति की झलक साफ देखी जा सकती थी। करघा नृत्य पेश करने वाले त्रिवेश ने बताया कि इस नृत्य के द्वारा भगवान की भक्ति की जाती है। त्योहाराें के अवसर पर भी इस नृत्य को किया जाता है।
जबकि शुक्रवार शाम को नाट्यशाला में संगीत और वाद्ययंत्रों का अद्भूत नजारा दिखाई दिया। नाट्यशाला के कार्यक्रम की शुरूआत बांसुरी वादन से हुई। बांसुरी को तबला और की-बोर्ड के संगीत के साथ आधुनिक रंग में श्रोताओं के सामने परोसा गया। युवाआें ने बांसुरी वादन का काफी लुत्फ उठाया। इसके अलावा शुक्रवार की शाम का दूसरा आकर्षण पद्मश्री से सम्मानित संगीतकार, अभिनेता व राज्यसभा सांसद डॉ. बी. जयश्री का रहा। देर शाम उन्होंने कन्नड़ फिल्मों के गीत के साथ एक नाटक का गीत भी प्रस्तुत किया।