फरीदाबाद। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने प्याला व असावटी गांव की 90 एकड़ जमीन का अधिग्रहण तो कर लिया। लेकिन वादे के मुताबिक कंपनी ने किसानों को जमीन के बदले नौकरी नहीं दी। जिसको लेकर किसान दो माह से कंपनी गेट के पर धरना दे रहे हैं। सरकार सुध नहीं ले रही है। इसके विरोध में सैकड़ों किसानों ने लघु सचिवालय पर प्रदर्शन कर जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।
भाजपा किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष नयन पाल रावत और किसान संघर्ष समिति अध्यक्ष मेहकम सिंह के नेतृत्व में प्याला और असावटी के किसानों ने सोमवार को लघु सचिवालय पर इंडियन ऑयल के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उपायुक्त से मिलने पहुंचे। उपायुक्त द्वारा किसी प्रकार की सुनवाई न करने पर किसान भड़क गए और हंगामा करने लगे। हंगामे की जानकारी के बाद किसानों के एक दल को उपायुक्त बलराज सिंह मोर ने बातचीत के लिए बुला लिया।
नयन पाल रावत और मेहकम सिंह ने उपायुक्त को मांग पत्र सौंपते हुए कहा कि पिछले दो महीने से प्याला व असावटी के 342 किसान परिवार इंडियन ऑयल कार्पोरेशन कंपनी गेट के सामने धरने पर बैठे हैं। इन किसानों की 90 एकड़ जमीन को 1990 में यह कहकर अधिग्रहण किया गया था कि जिस परिवार की जमीन जाएगी। उसके परिवार के एक सदस्य को इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन नौकरी देगा। जब भी इस मामले पर बात की गई तो किसानों को कंपनी शुरू न होने का हवाला देकर एसडीएम कार्यालय से टरका दिया गया।
2002 में जब कंपनी शुरू की गई तब किसानों के विरोध को देखते हुए कंपनी ने एसडीएम बल्लभगढ़ व पलवल के माध्यम से किसान परिवार से नौकरी देने का फार्म भरवाया। लेकिन 11 वर्ष बीतने के बाद भी नौकरी नहीं दी गई।
प्रदर्शन में लाखन सिंह, बीरवति, जयपाल गहलोत, महेंद्र रावत, राम किशन गहलोत, वीरपाल, रवि शर्मा, बिशन दलाल, अंकित गहलोत, बलवीर रावत, दिनेश कुमार, दीप चंद, सोहनवती, गुड्डी, रेवती, किशनवती, फूलवती, रामो, शिक्षा और अजीत गहलोत मौजूद रहे।
वहीं मामले में जिला उपायुक्त बलराज सिंह का कहना है कि किसानोें से 10 दिन का समय मांगा गया है। जिससे इस मामले की जानकारी हासिल की जा सके।