फरीदाबाद। हर ओर उजाला फैलाते दीये, मिलने-जुलने आते मित्र-रिश्तेदार, बच्चों की खिलखिलाहट, रंग-बिरंगी रोशनी बिखेरती चकरियां, पटाखों की गूंज और राकेट की सुर्रर...। इन्हीं नजारों के साथ मंगलवार को पूरा शहर उजाले के नाम रहा।
रंग-बिरंगी झालरों से लदीं शहर की बड़ी इमारतें जेवरात से सजी ‘सुहागिनों’ की तरह नजर आ रही थीं। झालरों में इठलाती हुई दौड़ रही रोशनी की धारा देखकर बच्चों की खुशी का ठिकाना नहीं था। घर-आंगन दीपों की रोशनी से जगमग हुए तो मॉल, फैक्ट्रियां एवं बाजार बिजली की झालरों से झिलमिला उठे। तरह-तरह की मिठाइयां, आतिशबाजी और लोगों के प्यार से प्रकाश पर्व की खुशियां कई गुना बढ़ गईं।
तिकोना पार्क स्थित माता वैष्णव देवी मंदिर, सैनिक कॉलोनी शिव मंदिर एवं सेक्टर-29 स्थित हरियाणा काली मंदिर सहित शहर के सभी मंदिरों में भी पूजन-अनुष्ठान का क्रम आधी रात के बाद तक जारी रहा। घरों में आरती और प्रसाद वितरण के साथ पूजा पूरी होने के बाद आतिशबाजी का दौर शुरू हो गया। बच्चों ने रंगबिरंगी रोशनी वाली फुलझड़ियां चलाईं तो युवाओं में तेज आवाज वाले पटाखों को चलाने का आनंद लिया। इस दौरान बड़े बुजुर्ग बच्चों को जोश में होश न खोने की सलाह देते रहे।
शाम को पूजा स्थल पर शुभ मुहूर्त में लक्ष्मी-गणेश जी की पूजा से पहले सिंदूर से श्रीगणेशाय नम:, स्वास्तिक, शुभ-लाभ जैसे मांगलिक मंत्र लिखे गए। दीप जलाकर लक्ष्मी को प्रिय कमल के फूल चढ़ाए गए। लोगों ने गणपति से विघ्नबाधा दूर करने तो लक्ष्मी से धन, ऐश्वर्य के लिए आशीर्वाद मांगा। लक्ष्मी-गणेश के साथ ही कुबेर देवता भी पूजे गए। व्यापारियों ने दुकानों, शोरूमों और प्रतिष्ठानों में शुभ लग्न पर बही खाते की पूजा-अर्चना की।