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चाकुओं से गोदकर एक की हत्या

Tue, 07 Aug 2012 12:00 PM IST
Faridabad
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फरीदाबाद। ऊंचा गांव स्थित उमराव कॉलोनी में किराये पर रहने वाले एक व्यक्ति की रविवार देर रात चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद से उसके साथ रहने वाले तीन साथी गायब हैं। पुलिस के अनुसार, हत्या करने में डंडे का भी प्रयोग किया गया है, क्याेंकि मौके से खून से सना एक डंडा मिला है।
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पुलिस के अनुसार, मूलरूप से बिहार के रहने वाले चार युवक दो माह पहले उमराव कॉलोनी निवासी जय नारायण यादव के मकान में रहने आए थे। इसी मकान में एक ठेकेदार रहता है, जिसने इन चारों को किराये पर कमरा दिलवाया था। यह चारों युवक ठेकेदार के पास ही मजदूरी करते थे। रविवार को यह चारों युवक काम से वापस लौटकर कमरे में आए और खाना खाकर सो गए। सुबह जब चारों कमरे से बाहर नहीं निकले, तो मकान में रहने वाले अन्य किरायेदारों को कुछ शक हुआ। उन्होंने कमरे का दरवाजा खोला, तो उसमें एक युवक खून से लथपथ पड़ा हुआ था। पास में ही खून से सना हुआ डंडा पड़ा हुआ था।
इसकी सूचना मकान मालिक जय नारायण यादव को दी गई। मकान मालिक ने तुरंत पुलिस को घटना के बारे में सूचित कर दिया। आदर्श नगर चौकी इंचार्ज कर्मवीर खटाना ने बताया कि मृतक के कमरे से शराब की बोतल, चाकू व खून से सना हुआ डंडा मिला है, जिससे शक है कि चारों ने मिलकर रात को शराब पी थी व आपस में किसी बात को लेकर कहासुनी होने पर तीनों ने मिलकर अपने साथी की हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, मृतक की गर्दन और पेट पर चाकू व डंडों के निशान मिले हैं। चौकी इंचार्ज ने बताया कि मकान मालिक के पास चारों लोगों की पहचान से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं है, जिनसे इनकी पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस ने शव बीके अस्पताल की मॉर्चरी में रखवा दिया है। चौकी इंचार्ज के अनुसार, मकान मालिक के यहां किराये पर रहने वाले ठेकेदार से इन चारों के बारे में पूछताछ की जाएगी।
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बेअसर साबित हो रही है किरायेदारों की शिनाख्त
फरीदाबाद। पुलिस द्वारा किरायेदारों की शिनाख्त करने के प्रयास बे-असर साबित हो रहे हैं। उमराव कॉलोनी की घटना इसका उदाहरण है। गौरतलब है कि किसी भी व्यक्ति को किराये पर मकान देने पर उसके बारे में पूरी छानबीन कराने के लिए यह आवश्यक है कि मकान मालिक उनकी सूचना पुलिस को दे। इसके बाद पुलिस का काम है कि उनके मूल निवास पर उनकी जानकारी कराए कि जो पता उन्होंने दिया है, वे वहां के निवासी हैं भी या नहीं या फिर कहीं गलत पता तो नहीं दिया गया, लेकिन ज्यादातर लोग इस पर अमल नहीं कर रहे।
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