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आस्था के आगे साधन पड़े कम

Fri, 03 Aug 2012 12:00 PM IST
Faridabad
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फरीदाबाद। रक्षाबंधन के मौके पर ट्रेनों और बसों में खासी भीड़ दिखाई दी। बहनें अपने भाइयों को तो कुछ भाई अपनी बहनों से राखी बंधवाने के लिए उनके घर गए। इससे पैसेंजर ट्रेनों में पैर रखने की भी जगह नहीं मिली, जबकि बसों में लटककर और छतों के ऊपर सफर करने को लोग मजबूर हुए।
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ओल्ड फरीदाबाद, न्यू टाउन व बल्लभगढ़ स्टेशन पर सुबह से ही यात्रियाें की खासी भीड़ अपने-अपने गंतव्य को जाने के लिए ट्रेनों का इंतजार करती देखी गई। सुबह जैसे ही आगरा पैसेंजर ट्रेन बल्लभगढ़ स्टेशन पर पहुंची तो उसमें चढ़ने के लिए यात्रियों में मारामारी मच गई। कोई यात्री दरवाजे से घुसने का प्रयास कर रहे थे तो कोई आपात कालीन खिड़की के रास्ते ही घुसने की जुगत भिड़ाते देखे गए।
महिला स्पेशल हो या शटल ट्रेन, दोनों में ठसाठस भीड़ देखी गई। जब बोगी के अंदर यात्रियाें को जगह नहीं मिली तो कई यात्री बोगियों के बीच के जंक्शन पर ही बैठ गए। इस तरह जो कि त्यौहार के मौके पर अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रा कर रहे थे, लेकिन इन्हें रोकने वाला कोई नहीं था।
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भीड़भाड़ के कारण आगरा पैसेंजर ट्रेन बल्लभगढ़ स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या-एक पर करीब 15 मिनट तक रुकी रही।

अतिरिक्त बसें भी पड़ गईं कम
फरीदाबाद। रक्षाबंधन के दिन उमड़ी भीड़ को रोडवेज द्वारा चलाई गई अतिरिक्त बसें भी नही संभाल पाई। बस में जगह नहीं मिलने पर लोगों ने बस की छत पर चढ़कर व बस के बाहर लटककर सफर किया। सुबह करीब 10 बजे से भीड़ इतनी हो गई कि कई बार व्यवस्था काबू से बाहर जाती दिखाई दी। जिसके बाद विभाग द्वारा एक के बाद एक कई बसों को निकाला। ये हाल सोहना, यूपी के विभिन्न जिलों में जाने वाली बसों की अधिक रही। दिन में रोडवेज द्वारा दिल्ली व गुड़गांव रूट के लिए 250 बसों का संचालन किया। वहीं दिल्ली, गुड़गांव जाने वाली सिटी बसों में कुछ राहत देखने को मिली। इस रूट पर सिटी बसों ने कमान संभाली और महिलाओं के सफर को सुगम बनाने का प्रयास किया। डिपो पर पुलिस कर्मी तैनात रहे जिन्होंने हर बस व यात्रियों की चेकिंग की।
रोडवेज द्वारा रक्षाबंधन को लेकर किए गए इंतजाम पर मिली जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। लोकल स्तर पर तो बसों में कुछ राहत देखने को मिली। लेकिन लांग रूट की बसों में उमड़ी भीड़ ने विभाग को परेशान किया।


पलवल तक के लिए चलीं पांच बसें:
पलवल जाने वालाें के लिए पांच मिनी बसों को बदरपुर से चलाया गया। अधिकारियों के अनुसार शाम को यात्रियों की संख्या अधिक हो गई थी, जिसे देखते हुए बसों का इजाफा किया गया।


दिल्ली बस अड्डे से ली बस:
बल्लभगढ़ बस डिपो पर अधिक लांग रूट की बसों के नहीं होने के कारण यात्रियों को दिल्ली तक जाने वाली बसों का रुख करना पड़ा। यूपी के आगरा, हाथरस, अलीगढ़ आदि के लिए यात्रियों की संख्या अधिक रही। जिसके कारण विभाग द्वारा दिल्ली के आईएसबीटी व सराय काले खां बस अड्डे के लिए बसों को अधिक चलाया।


महिलाओं का सफर रहा फ्र ी
सिटी बसों में यात्रियों की भीड़ को लेकर कुछ राहत रही। दिल्ली व गुड़गांव जाने वाली महिलाओं ने सिटी बसों में सफर करना पसंद किया। इन बसों का सफर महिलाओं के लिए फ्री रहा। हालांकि विभाग द्वारा रक्षाबंधन के दिन वोल्वो व एसी बसों का संचालन इन रूटों पर नाममात्र ही किया गया। ड्यूटी इंस्पेकटर धर्मबीर ने बताया कि लोकल रूट के लिए बसों का संचालन पांच मिनट में किया गया। यातायात प्रबंधक जेएस दूहन ने बताया कि क्योंकि लांग रूट के यात्रियों की संख्या अधिक रही। जिसके चलते डिपो पर मौजूद सभी लांग रूट की बसों को अधिक रोका नहीं गया।

बाजारों में रही जबरदस्त भीड़
राखी पर बाजारों में जबरदस्त भीड़ रही। एनआईटी में सबसे अधिक भीड़ एक नंबर और पांच नंबर मार्केट में देखी गई। ओल्ड फरीदाबाद के मुख्य बाजार, सराय ख्वाजा, बल्लभगढ़ और जवाहर कॉलोनी में भी यही स्थिति रही। बाजार खचाखच भरे हुए थे। कहीं कोई कपड़े खरीद रहा था, कोई मिठाई, कोई गिफ्ट, तो कोई बहनों के लिए ज्वैलरी। भीड़ इतनी थी कि मार्केट की मुख्य सड़क से कार भी नहीं निकल पा रही थी। दुपहिया और रिक्शा चालकों को भी मार्केट में आने-जाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही थी।






किडनी देकर भाई को दिया जीवनदान
एशियन अस्पताल में हुआ सफल प्रत्यारोपण
फरीदाबाद। रक्षाबंधन के दिन एक बहन ने भाई को किडनी देकर नया जीवनदान दिया है। सेक्टर-21ए स्थित एशियन अस्पताल में बृहस्पतिवार को आशा की किडनी को उसके भाई श्री निवास ठाकुर के शरीर में सफलता पूर्वक प्रत्यारोपित कर दिया गया। सेक्टर-31 स्प्रिंग फील्ड कॉलोनी निवासी श्रीनिवास ठाकुर पिछले चार माह से सेक्टर-21ए स्थित एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में भर्ती हैं। जनवरी 2012 में चिकित्सकों ने उसे किडनी फेल होने की बात बताई थी। इसके बाद श्री निवास की 32 वर्षीय बहन आशा ने स्वेच्छा से भाई को किडनी देने का फैसला किया था। बृहस्पतिवार को अस्पताल के वरिष्ठ नेफरोलॉजिस्ट डॉ. एचएस टियाल, डॉ. जितेंद्र कुमार, डॉ. विपिन गुप्ता, डॉ. गौरव सहाय, डॉ. दिवेश अरोड़ा, डा. सुनील कुमार, डॉ. विदुसी बांगिया, डॉ. अमित कोचर की टीम ने सफलता पूर्वक किडनी प्रत्यारोपण किया।
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