कुरुक्षेत्र में एक प्राइवेट बैंक के मामूली डीएसए से राइस एक्सपोर्टर बने सतीश बंसल 20 करोड़ डालर की ड्रग सप्लायरों के रैकेट में फंस चुके हैं। इंटरपोल से जुड़े इस मामले में दो दिन पहले ही नारकोटिक्स ब्यूरो चंडीगढ़ की टीम ने बंसल को गिरफ्तार किया है।
बंसल के घर से भी इस टीम ने 2600 ग्राम संदिग्ध पाउडर बरामद किया था। आस्ट्रेलिया के नागरिक इंजीनियर पुनीत चौहान ने अमर उजाला को फोन पर बताया कि आस्ट्रेलियाई मीडिया में यह प्रकरण जबरदस्त सुर्खियों में है और इसमें भारत की किरकरी हो रही है।
चौहान का कहना है कि यहां के लोकल मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार भारत से आस्ट्रेलिया एक्सपोर्ट की गई सामग्री में 274 किलोग्राम एफीड्राइन की बड़ी खेप मिलना अब तक का सबसे बड़ा मामला है। इन रिपोर्ट में भारत से भेजे गए बासमती चावल के 3600 कट्टों के साथ 274 किलोग्राम एफीड्राइन (मादक) पदार्थ भी डिलीवरी की गई थी।
बासमती चावलों की यह डिलीवरी कुरुक्षेत्र के चावल व्यापारी पटेल नगर वासी सतीश बंसल ने की थी। आस्ट्रेलिया की फेडरल पुलिस (एएफपी), डिपार्टमेंट आफ एग्रीकल्चर, आस्ट्रेलियन कस्टम एंड बार्डर प्रोटेक्शन सर्विस के संयुक्त अभियान के जरिए अब तक इस मामले में चार लोगों की संलिप्तता पाई गई है। इनमें सिर्फ एक भारतीय (कुरुक्षेत्र वासी सतीश बंसल) शामिल है।
नारकोटिक्स ब्यूरो की टीम नौ को करेगी पेश
काफी गोपनीय ढंग से हुई छापेमारी की कार्रवाई और बंसल के घर से बरामद 2600 ग्राम संदिग्ध पाउडर को जांच के लिए एक स्पेशल लैब में भेजने के बाद नारकोटिक्स ब्यूरो की टीम बंसल को सीजेएम की अदालत में पेश कर चुकी है। उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, नारकोटिक्स विभाग की टीम बंसल को दोबारा 9 अक्तूबर को अदालत में पेश करेगी।
राइस का लेबल लगे कट्टों में थी ड्रग्स
भारत से एक्सपोर्ट हुए 3600 चावलों के कट्टों में बरामद हुई 274 किलोग्राम एफीड्राइन भी ठीक वैसे ही कट्टों में थी, जैसे कट्टों में बासमती चावल भरे हुए थे। ड्रग्स के कट्टे चावलों के कट्टों के बीच में थे, जबकि इसके चारों बासमती चावल के कट्टे थे।