चरखी दादरी- झज्जर जिले की सीमा पर खाचरौली और ढाणी फौगाट गांव के बीच चरखी दादरी निवासी शराब ठेकेदार की कनपटी पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। ठेकेदार का शव उसकी बोलेरो गाड़ी की सीट से बंधा हुआ मिला। गले परना डालकर उसे पीछे से चालक सीट से बांधा गया था। उसकी हत्या का आरोपी दादरी काला साहूवास गैंग से जुडे़ लोगों पर लगाया गया है।
उधर मृतक ठेकेदार को प्रदीप कासनी गैंग से जुड़ा बताया जा रहा है। उसके खिलाफ भी लूट, अपहरण आदि के कई जिलों में छह केस दर्ज हैं। इस घटना को गैंगवारी से जोड़कर भी देखा जा रहा है। पुलिस ने इस घटना का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
चरखी दादरी जिले के निमली गांव निवासी मृतक के पिता दिलबाग सिंह के पुलिस को दिए बयान के अनुसार उनका बेटा सतीश महेंद्रगढ़ क्षेत्र में शराब के ठेके चलाता था। बुधवार की रात करीब 10-11 बजे वह अपनी बोलेरो गाड़ी लेकर चरखी दादरी की तरफ गया था। वीरवार की सुबह करीब साढ़े सात बजे सूचना मिली की सतीश की गोली मार कर हत्या कर दी गई है।
उसका शव ढाणी फौगाट व खाचरौली गांव के बीच 12 फुटा रोड पर गाड़ी में पड़ा है। उसके बाद पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मौका मुआयना कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पहले चरखी दादरी के अस्पताल भिजवाया बाद में सामान्य अस्पताल झज्जर में लाया गया।
पिता ने आरोप लगाया है कि गिरजापती उर्फ मोनू पुत्र श्रीभगवान, मुकेश पुत्र हुकम सिंह, विकास पुत्र सतबीर निवासी ढाणी फौगाट, नवदीप नंबरदार चरखी दादरी ने अपने तीन-चार अन्य साथियों के साथ मिलकर सतीश की गोली मारकर हत्या की है।
नवदीप नंबरदार चरखी दादरी के काला गैंग से जुड़ा बताया जा रहा है। थाना प्रभारी के अनुसार मृतक ठेकेदार के खिलाफ भी लूट, मारपीट और अपहरण सहित विभिन्न धाराओं के तहत छह मामले झज्जर, रोहतक, चरखीदादरी और महेंद्रगढ़ जिले के थानों में दर्ज हैं।
गैंगवारी के चलते हत्या की आशंका
इस घटना की क्या वजह रही है पुलिस और परिजन कुछ भी स्पष्ट नहीं कर रहे, लेकिन गाड़ी में ठेकेदार को बांधना, कनपटी पर सटाकर गोली मारना गैंगवारी की ओर इशारा कर रहा है। क्योंकि इस घटना के पीछे काला गैंग का हाथ होने का संदेह जताया जा रहा है जबकि ठेकेदार को प्रदीप कासनी गैंग से जुड़ा होेना बताया जा रहा है।
झाड़ली पुलिस चौकी प्रभारी प्रवीन कुमार का कहना है कि जिस प्रकार गाड़ी में पिस्तौल मिला है उसे देख कर ऐसा लग रहा है कि यह गैंगवार नही है। सतीश दूसरी गैंग के लोगों को अपनी गाड़ी में क्यों बैठाएगा और वे हथियार गाड़ी में क्यों छोड़ कर जाते लेकिन इससे इनकार भी नहीं किया जा सकता है और कुछ भी संभव है।
गले पर परना बांधकर सीट से बांधा, कनपटी पर सटाकर मारी गोली
पुलिस के अनुसार ठेेकेदार सतीश के गले को परने से बांधकर गाड़ी की सीट से बांधा गया है और कनपटी पर एकदम सटाकर गोली मारी गई है। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि चालक के बराबर वाली सीट पर कोई व्यक्ति बैठा था और उसे ही गोली मारी है। जिस पिस्तौल से गोली मारकर सतीश की हत्या की है वह भी गाड़ी के अंदर ही मिला है। इसमें ं तीन कारतूस थे। एक मिस फायर गोली मिली है और एक गोली का खोल भी पुलिस ने बरामद किया है। पुलिस का कहना है कि यह अवैध हथियार है। इस बात का अभी खुला नहीं हुआ है कि यह हथियार किस के पास था।
पुलिस ने मौका मुआयना करने के बाद पांच आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी है। सीसीटीवी की फुटेज देखी जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- सोमबीर सिंह, थाना प्रभारी, साल्हावास।