हरियाणा पुलिस की वर्दी पर दाग लगा है। एंटी करप्शन ब्यूरो कैथल की टीम ने शुक्रवार शाम को गुहला के थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर रामपाल रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिस अधिकारी को मारपीट का मामला रद्द करने की एवज में 30 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों काबू किया। टीम ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि थाना प्रभारी इस केस में 20 हजार की राशि पहले ही ले चुका था।
एंटी करप्शन ब्यूरो कैथल प्रभारी सूबे सिंह सैनी ने बताया कि इस संबंध में उन्हें चीका निवासी ओमप्रकाश ने शिकायत दी थी कि उसके खिलाफ एक मारपीट का मामला दर्ज करवाया गया था। मामले को रद्द करने को लेकर गुहला के थाना प्रभारी रामपाल ने उससे 50 हजार रुपये की मांग की।
उसने बताया कि वह गरीब आदमी तथा रिश्वत देने में समर्थ नहीं है, लेकिन इसके बावजूद थाना प्रभारी नहीं माना। उसने थाना प्रभारी को इससे पहले 20 हजार की राशि दे दी थी। इसके बाद आरोपी ने 30 हजार ओर देने की मांग की। सूबे सिंह ने बताया कि आरोपी को रंगे हाथों काबू करने के लिए लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता वरुण कंसल को डयूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर हुए दबिश के लिए पार्टी का गठन किया।
जैसे ही शिकायतकर्ता ओमप्रकाश ने आरोपी थाना प्रभारी रामपाल को रिश्वत की 30 हजार की राशि दी तो इशारा पाते ही एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने थाना प्रभारी को काबू कर लिया। टीम ने उसके कब्जे से रिश्वत की 30 हजार की राशि भी बरामद की है। विभाग की इस कार्यवाही से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। आरोपी को शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा।