सोमवार को शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने राज्यसभा सदस्य चौधरी बीरेंद्र सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा कि 2005 के विधानसभा चुनाव में कलायत से हरवाने का प्रयास किया था।
भुक्कल सोमवार को अपने निवास पर पत्रकारों से बात कर रहीं थीं। उन्होंने कहा कि वे जानती हैं कि बीरेंद्र सिंह कितने बड़े नेता हैं? उन्होंने कहा, ‘मैं औरों की तरह नहीं हूं जो राज्यसभा में जाकर बैठ जाऊं।
मैंने दिन-रात मेहनत करके वोट मांगकर दूसरी बार विधायक बनी हूं। मैंने कुछ भी बुरा नहीं कहा था, सिर्फ यही कहा था कि अगर राज्यसभा के लिए कोई 100 करोड़ रुपये देकर गया है या किसी राजनेता की हर रोज की कमाई 10 करोड़ रुपये है तो उसके नाम का खुलासा करें। मैं आज भी अपनी बात पर कायम हूं। मैं हरियाणा सरकार की कैबिनेट मंत्री हूं। शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री हुड्डा के नेतृत्व वाली सरकार ने बहुत काम किए हैं। बीरेंद्र सिंह को यह टिप्पणी करने की जरूरत नहीं है कि मैं बच्चों को पढ़वाने का काम करूं और राजनीति उन्हें करने दें। मैं महिला हूं और दलित हूं, इसका मतलब यह नहीं है कि मैं कुछ नहीं बोलूंगी। मैं जवाब देना जानती हूं।’
शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्राइवेट स्कूल संचालक 10 फीसदी गरीब बच्चों को दाखिला देने से मना कर रहे हैं। यह हाईकोर्ट का फैसला है। उन्हें इसे लागू करना चाहिए। यह उनकी जिम्मेवारी भी है। उन्होंने कहा कि आरटीई के तहत प्राइवेट स्कूलों के लिए कोई पैसा सरकार से नहीं मिला है।
गेस्ट टीचरों का आंदोलन गलत
शिक्षा मंत्री ने कहा कि दिल्ली में जंतर-मंतर पर गेस्ट टीचरों का आंदोलन गलत है। उनके पदों को रिक्त घोषित नहीं किया गया है। उनका समय समय पर वेतनमान बढ़ाया है। उन्हें आंदोलन नहीं करना चाहिए।