चरखी दादरी। केंद्र और राज्य सरकार की कथित मजदूर व किसान विरोधी नीतियों के विरोध में सोमवार को दादरी में मजदूरों, किसानों और कर्मचारियों ने जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों एवं संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आयोजित राष्ट्रव्यापी जेल भरो आंदोलन के तहत हाथी पार्क में सैकड़ों मजदूर, किसान, कर्मचारी, निर्माण मजदूर, स्कीम वर्कर तथा विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता एकत्रित हुए। जनसभा के बाद प्रदर्शनकारियों ने शहर में नारेबाजी करते हुए सामूहिक गिरफ्तारियां दीं।
हाथी पार्क में आयोजित जनसभा की संयुक्त अध्यक्षता सीटू, इंटक, किसान सभा, किसान मजदूर यूनियन और सर्व कर्मचारी संघ के नेताओं ने की, जबकि संचालन राजकुमार धिकाड़ा ने किया। वक्ताओं ने चार श्रम संहिताओं, सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण, बढ़ती बेरोजगारी और महंगाई को लेकर सरकार की नीतियों की आलोचना की।
ये उठाई मांगें
सभा में श्रम पोर्टल को पूरी तरह सुचारू करने, फर्जी बताकर रद्द किए गए वास्तविक निर्माण मजदूरों के पंजीकरण बहाल करने तथा लंबित पेंशन, कन्यादान, छात्रवृत्ति, मातृत्व सहायता सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ जल्द जारी करने की मांग उठाई गई।
800 रुपये मजदूरी की मांग
किसान नेताओं ने फसलों के लाभकारी मूल्य, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी, किसानों की कर्ज समस्या के समाधान तथा मनरेगा के तहत 200 दिन रोजगार और 800 रुपये प्रतिदिन मजदूरी देने की मांग की। इसके अलावा मिड-डे मील, आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा, सम्मानजनक वेतन और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई।
ये रहे शामिल
सभा को सीटू राज्य कमेटी के नेता वीरेंद्र सिंह मलिक, भवन निर्माण कामगार यूनियन सीटू के जिला संयोजक सुमेर सिंह धारणी, कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुशील धानक, अखिल भारतीय कांग्रेस के राष्ट्रीय कन्वीनर राजू मान, सुनीता रामबास, चंद्रमुखी, सुरेश बूरा खेड़ी, किसान नेत्री सिदोखी देवी, ग्रामीण सफाई कर्मचारी नेता सुरेश कुमार, चौकीदार सभा के नेता वेद प्रकाश, अध्यापक संघ के मास्टर रामपाल रामबास तथा भवन निर्माण सीटू ब्लॉक प्रधान भूप सिंह नांधा सहित अनेक नेताओं ने संबोधित किया।
बिजली कर्मचारियों को देंगे समर्थन
सभा में 11, 12 और 13 अगस्त को प्रस्तावित बिजली कर्मचारियों की राज्यव्यापी हड़ताल को भी मजदूर और किसान संगठनों ने खुला समर्थन दिया। नेताओं ने एग्री-डिस्कॉम, स्मार्ट मीटर और पैरलल लाइसेंस के माध्यम से बिजली क्षेत्र के निजीकरण का विरोध करने का एलान किया। कार्यक्रम में यशपाल, वीरेंद्र बडराई, संजय कुमार जीतपुरा, अनिल कुमार मोटू, नवीन कुमार (काकड़ोली), राजेंद्र सिंह, सुनील बाढड़ा, आशा कार्यकर्ता अतुल मांढ़ी, ओमप्रकाश नांधा, ओमप्रकाश खोरड़ा, महेंद्र सोनी, जिला महासचिव जगवीर बेरला, नरेश शर्मा, जिला सचिव धन सिंह शर्मा, वीरेंद्र ढिल्लू, कुलदीप लाडावास सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों और किसान संगठनों के अनेक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।