चरखी दादरी। जगमग योजना का काम बंद कर दिए जाने पर बिजली निगम ने एजेंसी को ब्लैक लिस्ट में डालने के लिए पत्र लिखा है। जिले के 23 गांवों में योजना का काम पूरा नहीं हो पा रहा है। समय-समय पर एजेंसी की ओर से काम रोका जा रहा है। जगमग योजना के तहत गांवों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति करने का प्रावधान है। गत ढाई साल से योजना पर मंद गति से काम चल रहा है।
23 गांवों में नए पोल व केबल लगाने का काम पूरा नहीं हो सका है। बिजली निगम की म्हारा गांव- जगमग गांव योजना के तहत 24 घंटे बिजली आपूर्ति किए जाने की योजना है। शुरूआत में इन योजना के तहत गांवों में बिजली निगम अधिकतम 16 घंटे तक बिजली की आपूर्ति कर रहा है। बिजली निगम लाइन लॉस को कम करने की दिशा में पिछले काफी समय से काम कर रहा है। बिजली की चोरी रोकने पर भी सजगता से काम किया जा रहा है।
चोरी रोकने के लिए अलग से टीमों का गठन कर रखा है। घरेलू व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में औचक छापे मारकर बिजली चोरों पर मोटा जुर्माना भी लगाया जा रहा है। लाइन लॉस कम करने के लिए अन्य उपाय भी निगम की ओर से किए जा रहे हैं। इसके लिए जगमग योजना का सहारा लिया जा रहा है। इस योजना के तहत धीरे-धीरे गांवों को शामिल कर बिजली आपूर्ति व व्यवस्था में सुधार किया जाना है।
168 गांव योजना में शामिल
बिजली निगम ने म्हारा गांव-जगमग गांव योजना से पूरे जिले को जोड़कर रखा है। इसके तहत जिले की सभी 168 ग्राम पंचायतों को इस योजना में शामिल किया गया है। योजना पूरी होने के बाद सभी गांवोंं में 24 घंटे बिजली मिलनी शुरू हो जाएगी। गांवों में कुंडी लगाकर सीधे तौर पर बिजली की चोरी होती रही है जिससे लाइन लोस ज्यादा बढ़ जाता है इस वजह से निगम को काफी घाटा झेलना पड़ता रहा है।
इन गांवों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति हुई शुरू
गांव फतेहगढ़, साहुवास,भैरवी,भागवी,कंहेटी,सरुपगढ़,मकड़ानी,मकड़ाना, मौड़ी, रामनगर, बलकरा, मंदोला, मंदोली, दूधवा, छिल्लर, चंदेनी, माईकलां, ऊण, चांगरोड़, नौरंगाबास, तिवाला, शीशवाला, रामपुरा, मैहड़ा, नरसिंहवास, सारंगपुर, पांडवान, बिंद्रावन, बिलावल, अटेला कलां, अटेला खुर्द, बिरही कलां, बिरही खुर्द,अचीना,रानीला, बास, बौंद कलां, रणकोली, सौंप, कासनी, बेरला, जेवली, जगरामबास, लाड, भांडवा, नांधा, धनासरी, पंचगांव, बाढड़ा, हंसावास, काकड़ोली आदि में 24 घंटे बिजली की आपूर्ति शुरू कर दी गई है।
23 गांवों में काम अधूरा
शेष 23 गांवों में काम पूरा नहीं हो सका है। इन गांवों में पोल व तार लगाने का काम भी अधूरा है। गांव सांवड़ में आज तक इस योजना के तहत काम ही शुरू नहीं हो सका है। अभी योजना पूरी होने में करीब छह माह का समय और लग सकता है। योजना पर 2022 में काम शुरू हुआ था। गांवों में लाइन लॉस 60 से 70 प्रतिशत बना हुआ था अब यह घटकर 30 से 40 प्रतिशत के बीच बना हुआ है।
वर्सन:
एजेंसी को ब्लैक लिस्ट में डालने के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा गया है। एजेंसी की ओर से बीच में पहले भी काम बंद किया गया है। निगम प्रोजेक्ट को जल्द पूरा करवाएगा।- प्रदीप, कनिष्ठ अभियंता, बिजली निगम