बाढड़ा। अनाज मंडी से 75,000 क्विंटल सरसों व 14,498 क्विंटल गेहूं का ही उठान हो पाया है। अभी भी बाढड़ा मंडी व बस स्टैंड परिसर में सवा लाख क्विंटल गेहूं व सरसों की ढेरियां पड़ी हैं। उठान की गति धीमी रही तो किसानों को जून तक भुगतान संभव है। सोमवार को इससे खफा मंडी आढ़ती एसोसिएशन व भाकियू ने दो मई को मंडी गेट पर तालाबंदी की चेतावनी दी है।
अनाज मंडी में पिछले 12 अप्रैल से उठान न होने से एमएसपी दरों पर अपनी गेहूं-सरसों बेचने वाले किसान भुगतान राशि के लिए दर-दर भटक रहे हैं। मंडी में सवा लाख क्विंटल गेहूं व सरसों खरीद के इंतजार में है। वहीं, उठान न होने से किसानों को भुगतान नहीं हो पा रहा है। अनाज मंडी का परिसर छोटा होने के कारण खरीद एजेंसी व आढ़तियों ने सरसों काे शेड के नीचे रखा है। वहीं, गेहूं बस स्टैंड परिसर में खुले आसमान के नीचे रखा है।
मंडी में 2,15,000 क्विंटल सरसों व 27,000 क्विंटल गेहूं की आवक हुई है। 1,58,000 क्विंटल सरसों की खरीद हो सकी है। 75,000 क्विंटल का उठान हो पाया है। गेहूं की 27,000 क्विंटल आवक हुई है जबकि खरीद 20,000 क्विंटल हुई हैं। वहीं, उठान 14,498 क्विंटल गेहूं का हुआ है।
- सरसों के बैग का उठान न होने से जगह की कमी
भाकियू अध्यक्ष हरपाल सिंह भांडवा व आढ़ती एसोसिएशन अध्यक्ष हनुमान शर्मा की अगुवाई में आढ़ती प्रताप हंसावास, गिरधारी मोद, ब्रहमपाल बाढड़ा, भूप सिंह दलाल, ओमप्रकाश, करतार सिंह कारी आदि भाकियू पदाधिकारियों ने एसडीएम से मुलाकात कर उठान करवाने की गुहार लगाई। हरपाल भांडवा ने कहा कि अभी तक सवा लाख बैग का उठान अधर में लटका है। इससे मंडी परिसर में जगह नहीं बची है।
- एसडीएम ने ट्रांसपोर्टर को दिए निर्देश
जनसंगठनों के पदाधिकारियों ने एसडीएम से कहा कि जल्द ही सरसों का उठान व भुगतान नहीं किया तो किसान सड़कों पर उतरकर रोष प्रकट करेंगे। भाकियू ने दो मई को मंडी के मुख्य गेट पर तालाबंदी करने का अल्टीमेटम दिया है। एसडीएम सुरेश दलाल ने ट्रांसपोर्टर से अविलंब अनाज उठान के लिए ट्रकों की संख्या में वृद्धि करने संबंधी निर्देश दिए हैं।