चरखी दादरी। जिले में चल रहे बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी के नवीनीकरण और जीर्णोद्धार कार्य के दौरान मंदौला पंप हाउस से आगे नहर की मौजूदा चौड़ाई व क्षमता कम करने का आरोप लगाते हुए पांच गांवों के ग्रामीणों ने विरोध दर्ज करवाया है। साथ ही ठोस आश्वासन न मिलने तक काम भी बंद करवा दिया। वीरवार सुबह गांव कलाली, बलाली, आदमपुर डाढ़ी, बधवाना व मंदौला के ग्रामीण सरपंच व सरपंच प्रतिनिधियों के नेतृत्व में मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने कहा कि उनके गांवों में पहले से ही पानी की काफी किल्लत है। अब नहर की क्षमता घटाने से यह समस्या और गंभीर हो जाएगी। इस दौरान ग्रामीणों ने सांसद, विधायक के अलावा सिंचाई विभाग के अधिकारियों से फोन पर बात की।
वीरवार सुबह गांव कलाली के सरपंच रामवीर, आदमपुर के सरपंच विनोद कुमार, डाढ़ी से सरपंच प्रतिनिधि प्रवीन, सुरेंद्र सरपंच मंदौला, बलाली सरपंच प्रतिनिधि बिंद्राज के नेतृत्व में ग्रामीण प्रहलाद नंबरदार, मोनू आदमपुर सहित अन्य बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी के मंदौला पंप हाउस पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि डिस्ट्रीब्यूटरी के नवीनीकरण के दौरान नहर की मौजूदा चौड़ाई व क्षमता को कम किया जा रहा है जिससे पहले से पानी का संकट झेल रहे इन गांवों में यह समस्या और अधिक गंभीर बनेगी जबकि सरकार व विभाग की ओर से क्षमता बढ़ाने का दावा किया जा रहा है। इस दौरान ग्रामीणों ने वहां पर नहर के नवीनीकरण के कार्य को रुकवा दिया। साथ ही सांसद धर्मबीर सिंह, विधायक उमेद पातुवास के अलावा सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता दिनेश राठी से फोन पर बात की। ग्रामीणों ने कहा कि यदि इस क्षेत्र में नहर की चौड़ाई व क्षमता बढ़ाई नहीं जा रही है तो कम से कम उसे पहले जितना ही रखा जाए, ताकि गांवों में पेयजल संकट और न गहराए।
गांव कलाली के सरपंच रामवीर ने बताया कि पहले इस क्षेत्र में डिस्ट्रीब्यूटरी की चौड़ाई 16 फीट थी जिसे अब कम कर सवा 12 फीट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह नहर उनके गांवों के लिए जीवनरेखा है। पहले से ही इन गांवों में पेयजल की काफी कमी है। अब क्षमता कम करने से और समस्या बढ़ेगी।
गांव बलाली के सरपंच प्रतिनिधि बिंद्राज ने कहा कि इन पांचाें गांवों में भीषण पेयजल संकट है। जोहड़ सूखे पड़े हैं। जोहड़ों में एक बूंद भी पानी नहीं है। यदि नहर की चौड़ाई कम हो जाएगी तो पानी मिलेगा ही नहीं। उन्होंने कहा कि इस बारे में निर्णय न होने तक काम को बंद कराया गया है।
जिले के करीब 35 गांवों से गुजरने वाली बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी का वर्ष 1972 के बाद अब करीब 41 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकरण व जीर्णोद्धार करवाया जा रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य डिस्ट्रीब्यूटरी की पानी क्षमता को बढ़ाना और पानी की बर्बादी को रोकना है। जिले के अधिकांश गांवों में बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी के माध्यम से ही जलघरों के टैंक व जोहड़ों में पानी भरा जाता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी के निर्माण के बाद से ही दूधवा क्षेत्र में भी इसी नहर से पानी की आपूर्ति की जाती थी लेकिन करीब 20 वर्ष पहले दूधवा क्षेत्र को सतनाली फीडर से जोड़ दिया गया और वहीं से पानी की आपूर्ति की जाती है। ऐसे में सिंचाई विभाग की योजना के अनुसार अब नवीनीकरण के दौरान मंदौला पंप हाउस से आगे नहर की क्षमता 47 क्यूसिक से घटाकर 27 क्यूसिक की जानी प्रस्तावित है।
वर्सन :
इन पांच गांवों में जमीन के अनुसार जितने पानी की जरूरत है उतना ही पानी दिया जाएगा। अब दूधवा क्षेत्र में सतनाली फीडर से पानी की आपूर्ति होती है। इन गांवों में प्रति एकड़ की जरूरत के अनुसार पूरा पानी दिया जाएगा। सतेंद्र सांगवान, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग, दादरी।