बाढड़ा। उपमंडल के गांव पिचौपा कलां में अवैध खनन पर मंगलवार को ग्रामीणों ने रोष जताया है। ग्रामीणों ने माइनिंग कंपनी पर फर्जी बिल काटकर विभाग को चूना लगाने का आरोप लगाया है।
ग्रामीण कुलवंत, रामोतार शर्मा, संजीव कुमार, संदीप, विजय सिंह, जयवीर, कृष्ण, सुरेश, जोगिंद्र, अशोक, रोहताश, अनिल, सचिन, प्रदीप, विनोद, सुरेंद्र, हनीफ, सुखबीर, देवेंद्र, राजबीर, मनोज कुमार ने कहा कि पिचौपा कलां पहाड़ के एक प्लॉट में 2017 से माइनिंग की जा रही है। ग्रामीणों ने कहा कि माइनिंग योजना के मुताबिक पत्थर निकालने की वार्षिक क्षमता 21 लाख टन है, जो दो महीने पहले खत्म हो गई है। इसके बावजूद निरंतर फर्जी बिल काटे जा रहे हैं।
कुलवंत ने कहा कि एक फर्म के नाम से बिल काटे जा रहे हैं। हकीकत यह है कि इस फर्म की गांव माई खुर्द पहाड़ में हिस्सेदारी है। उन्होंने कहा कि फर्जी बिल काटकर सरकार को प्रतिदिन करीब 50 लाख रुपये का चूना लगाया जा रहा है। ग्रामीण संजीव कुमार ने कहा कि पिचौपा कलां पहाड़ में 11 हेक्टेयर क्षेत्र माइनिंग लीज है, जबकि अवैध रूप से इससे ज्यादा क्षेत्र में पत्थर निकाला गया है।
पहाड़ों पर ब्लास्टिंग के कारण आसपास के मकानों में दरारें आ गई हैं। इससे लोगों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। साथ ही जान-माल की हानि का भी खतरा बना हुआ है। संजीव कुमार ने कहा कि इस बारे में उपायुक्त को भी शिकायत की गई थी परंतु अब तक कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। उल्टे संबंधित ठेकेदार उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। ग्रामीणाें ने प्रशासन से अवैध माइनिंग पर रोक लगवाने की मांग की है।
अवैध खनन के काले खेल में बड़े नेताओं और अधिकारियों का हाथ
किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राजू मान ने आरोप लगाया कि अवैध खनन के इस काले खेल में बड़े नेताओं और अधिकारियों का हाथ है। पहाड़ से नियम के विरुद्ध पत्थर निकाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिचौपा कलां से शीशवाला तक आने वाली सड़क भी बाधित हो गई है। अवैध माइनिंग के चलते सैकड़ों पेड़ खत्म हो गए हैं। इससे पर्यावरण पर बड़ा असर पड़ा है। राजू मान ने मांग करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार हाईकोर्ट के सिटिंग जज से इसकी जांच करवाए।