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Charkhi Dadri News: विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा योजना के नए नियम लागू, नहीं मिल पा रहे वाहन

Wed, 17 Jul 2024 01:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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छुट्टी के बाद पैदल घर जाते राजकीय स्कूल के विद्यार्थी। 
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चरखी दादरी। राजकीय स्कूलों में शुरू की गई विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा योजना के तहत अब केवल व्यावसायिक वाहन ही इस्तेमाल किए जा सकेंगे। वाहन का पीली पट्टीयुक्त होना भी जरूरी है। नए नियमों के मुताबिक, अब छोटे वाहन जैसे कार, टाटा मैजिक व ई-रिक्शा का इस्तेमाल विद्यार्थियों के लिए नहीं किया जा सकेगा। नए नियम लागू करने पर स्कूलों के लिए वाहन उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
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इस संबंध में 28 जून को शिक्षा विभाग निदेशक की ओर से आयोजित बैठक में सभी डीईओ व डीईईओ को निर्देश दिए गए थे। जिले में राजकीय स्कूलों में करीब 32 हजार विद्यार्थी हैं। नए निर्देशों की बात करें तो योजना के तहत वाहन के सभी बिल स्कूल प्रबंधन समिति की ओर से पास होने के बाद पोर्टल पर अपलोड करने होंगे।
सरकार ने एक किलोमीटर से अधिक दूरी पर विद्यार्थियों को घर से स्कूल लाने और वापस घर छोड़ने के लिए वाहन के प्रबंध करने के निर्देश दिए हुए हैं। यह योजना पहली से बारहवीं कक्षा के सभी छात्र-छात्राओं के लिए शुरू की गई है। एक रूट पर 20 से ज्यादा छात्र संख्या होने पर रोडवेज की बस या अन्य समुचित वाहन की व्यवस्था करने का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत यह योजना प्रदेश में शुरू की गई है।
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इस योजना का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या को बढ़ाना, दिव्यांग छात्रों को समता व समानता का वातावरण उपलब्ध करवाना व छात्रों को अपनी रुचि के अनुरूप विविध संकाय पढ़ाने के लिए अवसर प्रदान करना है।
वाहन चालक के व्यवहार के साथ देखा जाएगा चरित्र
वाहन के चालक का व्यवहार व चरित्र सही हो। वाहन का पंजीकरण, चालक लाइसेंस आदि आवश्यक दस्तावेज पूरे हों। वाहन पीली पट्टी वाला होना जरूरी है। चालक को स्कूल के समय से 10 मिनट पहले पहुंचाना होगा।

इस योजना के लिए विद्यार्थी के माता-पिता की सहमति भी जरूरी है। रूट निर्धारण, छात्र संख्या सत्यापन आदि के लिए पोर्टल पर विवरण दर्ज किया जाना है।
डीईओ हैं जिला नोडल ट्रांसपोर्ट अधिकारी
इस योजना के तहत प्रत्येक स्कूल से एक शिक्षक को नोडल ट्रांसपोर्ट अधिकारी नियुक्त किया जाता है। डीईओ जिला नोडल ट्रांसपोर्ट अधिकारी हैं। खंड स्तर पर बीईओ को नोडल अधिकारी बना रखा है। परिवहन संबंधी किसी भी प्रकार की शिकायत नोडल अधिकारियों से की जा सकती है।
भुगतान का यह है प्रावधान
एक माह की यातायात सुविधा पूरी होने पर स्कूल मुखिया की ओर से देय राशि की गणना करते हुए एसएमसी की स्वीकृति से वाहन चालक के किराया का भुगतान किया जाता है। इसका रिकाॅर्ड स्कूल नोडल अधिकारी को रखना होता है। किराया सीधे ट्रांसपोर्टर के खाते में भेजा जाता है। रोडवेज बस का किराया परिवहन विभाग की दरों के अनुरूप करने का प्रावधान है। समय-समय पर वाहन सुविधा की समीक्षा की जानी है। माता-पिता को भी समय-समय पर वाहन सुविधा का जायजा लेने का प्रावधान है।



अब नए नियम लागू कर दिए जाने पर स्कूलों के लिए वाहन नहीं मिल पा रहे हैं। प्रयास है कि जल्द से जल्द विद्यार्थियों के लिए वाहन किराये पर ले लिए जाएं। कुछ स्कूलों में तो यह सेवा शुरू कर दी गई है। -कृष्णा फौगाट, डीईओ, चरखी दादरी।
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