चरखी दादरी। बदलते मौसम में इन दिनों बाजार में हरे साग की खपत बढ़ रही है। नई सब्जी मंडी में प्रतिदिन 35 क्विंटल तक बथवा, सरसों का साग, पालक, मेथी व हरा चने का साग केवल शहर में बिक रहा है। स्थानीय लोग इन हरी सब्जियों को अनेक प्रकार के व्यंजन तैयार कर जायका ले रहे हैं। चिकित्सक भी इन दिनों लोगों को हरे साग का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने की सलाह दे रहे हैं।
बाजार में हरी सब्जियों की बिक्री काफी जोर पकड़ रही हैं। मौसम अनुसार पालक, बथवा, सरसों,हरा चना साग व मेथी की भारी डिमांड बनी हुई हैं। लोग सेहत के लिहाज से भी इन सब्जियों के अनेक प्रकार के पकवान बना कर प्रयोग कर रहे है। महिलाओं का कहना है कि बथवा, पालक व मेथी से पराठे, भूजी के अलावा सब्जी भी बनाई जाती है। चना व सरसों के साग से चटनी बनाने के अलावा जायकेदार सब्जियां बनाई जाती है। परिवार का हर सदस्य इनको चाव से खाते है। गृहिणी नीलम देवी, नीतू देवी, अनीता, पुष्पा ने बताया कि घर यह सब्जी बनने पर परिवार का कोई भी सदस्य आना-कानी नहीं करता है। वहीं, यह सब सब्जियां केवल कुछ महीनों के लिए ही मिल पाती है। लोग इन सब्जियों को खाने के लिए पूरा साल इंतजार करते है।
सब्जी मंडी में इतनी हो रही है खपत
सब्जी का नाम खपत प्रतिदिन भाव प्रतिकिलो
बथवा 10 क्विंटल 30
पालक 10 क्विंटल 20
सरसों साग 7 क्विंटल 30
चना साग 3 क्विंटल 100
मेथी 5 क्विंटल 30
= नई सब्जी मंडी में प्रतिदिन 35 क्विंटल हरी पत्तेदार सब्जियों की बिक्री हो रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग स्वयं खेतों से हरी सब्जियां लेकर आते हैं। इन दिनों अधिकतर घरों में लोग इन्ही पत्तेदार सब्जियों से अनेक प्रकार के पकवान बना कर खाते हैं। मंडी में इन सब्जियों की मांग अधिक होने से जल्दी ही बिक्री हो जाती है।
- विजय सैनी, सब्जी मंडी आढ़ती।
= बाजार में यह पत्तेदार सब्जियां केवल फरवरी माह तक ही मिलती है। इसके बाद इन सब्जियों के लिए पूरा साल इंतजार करना पड़ता है। मंडी में हर रोज इन सब्जियों का कारोबार तीन लाख तक पहुंच जाता है।
- राजू सैनी, मंडी आढ़ती