चरखी दादरी। जनता महाविद्यालय में मंगलवार को 30वां दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में 350 स्नातक व स्नातकोत्तर पासआउट विद्यार्थियों को डिग्री दी गई। समारोह में बतौर मुख्यातिथि राष्ट्रीय कार्यकारिणी व राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के सदस्य डॉ. इंद्रेश कुमार ने शिरकत की। वहीं, बतौर विशिष्ठ अतिथि के तौर पर एमडीयू के वाइस चांसलर प्रोफेसर राजबीर सिंह मौजूद रहे।
दीक्षांत समारोह की शुरूआत दोपहर करीब साढ़े बारह बजे सरस्वती मां की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से की गई। समारोह में साल 2016 से लेकर 2021 तक के स्नातक व स्नातकोत्तर के पासआउट विद्यार्थियों को डिग्री वितरित की गई। मुख्य अतिथि ने कहा कि भारत की संस्कृति व सभ्यता विश्व की उत्कृष्ट संस्कृतियों में से एक है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि विद्यार्थी को सामाजिक, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक रूप से जीवन जीने की कला को सीखने पर जोर देना चाहिए।
चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रोफेसर राजकुमार मित्तल ने कहा कि आज के दौर में अधिकतर विद्यार्थी सरकारी नौकरी प्राप्त करने के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन हर किसी को सरकारी नौकरी मिलना संभव नहीं है। इसलिए उन्होंने विद्यार्थियों से खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित किया। वहीं, बतौर विशिष्ठ अतिथि कार्यक्रम में पहुंचे एमडीयू के वाइस चांसलर प्रोफेसर राजबीर सिंह ने कहा कि हम संस्कारों पर चलकर अपने जीवन को और बेहतर बना सकते हैं।
एमडीयू व सीबीएलयू विश्वविद्यालय ने प्रदान की डिग्री
दीक्षांत समारोह में एमडीयू व सीबीएलयू दोनों के विद्यार्थी शामिल हुए। दरअसल, साल 2019 तक के बैच के विद्यार्थी एमडीयू के तहत आते हैं जबकि इसके बाद के बैच के विद्यार्थी सीबीएलयू के अंतर्गत आते हैं। इसलिए साल 2016 से लेकर 2019 के बैच के विद्यार्थियों को एमडीयू की तरफ से और 2019 से लेकर 2021 तक के बैच के विद्यार्थियों को सीबीएलयू की तरफ से डिग्री प्रदान की गई। डिग्री प्राप्त करने वालों में एमए, एमएससी, बीएससी, बीकॉम व बीए के कोर्स करने वाले विद्यार्थी शामिल रहे।
ये रहे मौजूद
दीक्षांत समारोह में मंच संचालन डॉ. सुनीता गोयल व डॉ. हेमलता शर्मा ने किया। कार्यक्रम में नगर परिषद चैयरमेन बक्शीराम सैनी, महिला एवं बाल विकास निगम की चैयरमेन बबीता फौगाट, प्रबंधन समिति के प्रधान पवन गोयल, उपप्रधान अशोक गोयल, महासचित राधेश्याम ऐरन, कोषाध्यक्ष सुरेश गोयल, प्राचार्य डॉ. यशवीर सिंह, समन्वयक सुरेश जांगिड़ आदि मौजूद रहे।