गांवों में सर्वे का कार्य अंतिम चरण में, दावे और आपत्तियां दर्ज करवाने का मिलेगा मौका, जेई करेंगे मकान मालिक की मजदूरी का आकलन
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र परिवारों को मकान निर्माण के लिए आर्थिक सहायता के साथ अब अपने श्रम की मजदूरी का लाभ भी मिलेगा। मकान निर्माण के दौरान मालिक की ओर से किए गए कार्य का आकलन कनिष्ठ अभियंता (जेई) की रिपोर्ट के आधार पर किया जाएगा। वहीं, जिले के गांवों में पात्र परिवारों की पहचान के लिए चल रहा सर्वे अंतिम चरण में पहुंच गया है। पीएम आवास योजना के तहत पात्र परिवार को दो लाख रुपये तक बजट दिए जाने का प्रावधान है।
पात्र परिवारों को मकान निर्माण के लिए आर्थिक सहायता देने के साथ अब मकान मालिक को भी मजदूरी का लाभ मिलेगा। चाहे मकान मालिक ने दिन में तीन घंटे काम किया हो। इस काम के आकलन के आधार पर उसे भुगतान किया जाएगा। इसके लिए कनिष्ठ अभियंता की ओर से मकान निर्माण में किए गए कार्य की प्रकृति और उसकी प्रगति रिपोर्ट को आधार बनाया जाएगा।
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प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले के गांवों में पात्र परिवारों की पहचान करने के लिए सर्वे का कार्य किया जा रहा है। गांव स्तर पर सर्वे का कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। सर्वे के दौरान आवेदकों को अपनी पात्रता, मकान की स्थिति और योजना से संबंधित अन्य तथ्यों के संबंध में दावे एवं आपत्तियां दर्ज करवाने का मौका दिया जा रहा है। यदि किसी आवेदक को कोई आपत्ति है या उसका नाम पात्रता सूची में शामिल नहीं हुआ है, तो वह अपनी बात सर्वे टीम के सामने रख सकता है।
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इस योजना के तहत पात्र परिवार को किस्तों के रूप में आर्थिक सहायता दी जाती है। मकान निर्माण की शुरुआती अवस्था, छत्त निर्माण व उसके बाद अंतिम किस्त जारी की जाती है। केंद्र सरकार की इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आशियाना उपलब्ध करवाना है। सरकार शहरी क्षेत्र में भी इस योजना पर काम कर रही है। सरकार ने शहरी क्षेत्रों में जरूरतमंद एवं पात्र उम्मीदवारों को 30 वर्ग वर्ग के प्लॉट भी आवंटित किए हैं। इन प्लॉट को मालिक तीन साल तक बेच नहीं सकता।
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-पीएम आवास योजना के तहत सर्वे का काम जारी है। सरकार पात्र परिवारों को योजना के तहत आर्थिक सहायता दे रही है। मकान निर्माण के दौरान मालिक की ओर से किए गए कार्य का आकलन होता है और उसी आधार पर मकान मालिक को मजदूरी मिलेगी।
एबीपीओ मंजीत फोगाट, खंड एवं विकास पंचायत विभाग