बिजली निगम कार्यालय में रखे ट्रांसफार्मर।
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चरखी दादरी। ट्यूबवेल कनेक्शन जारी करने के अब तक तीन चरण पूरे हो गए हैं। अब अगले चरण में शेष किसानों को कनेक्शन जारी किए जाएंगे। शेष कनेक्शन जारी करने में करीब डेढ़ माह का समय और लग सकता है। विशेषकर बाढड़ा उपमंडल में ट्यूबवेल कनेक्शन ज्यादा संख्या में हैं। इस उपमंडल में 523 कनेक्शन जारी कर दिए गए हैं, जिनमें से अब कुछ ही कनेक्शन जारी करने बाकी हैं।
=जिले में 1001 कनेक्शन जारी होने हैं। इन कनेक्शन के लिए करीब 50 गांवों में 35 किलोमीटर लंबी केबल लगाई गई हैं। शेष कनेक्शन फसल कटाई के बाद ही संभव हैं। कुछ दिक्कतों की वजह से कनेक्शन जारी नहीं हो पा रहे हैं। पहले चरण में 459, दूसरे में 24 व तीसरे चरण में 40 किसानों को कनेक्शन जारी किए गए हैं।
किसानों को अभी और करना होगा इंतजार
बता दें कि जिले भर में 1001 किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए छह साल से इंतजार रहा है। बिजली निगम इस काम को पूरा करने में जुटा है। ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए किसान आंदोलन करते आ रहे हैं। धरना एवं प्रदर्शन किए जा रहे हैं। अधिकारियों, विधायक व सांसद को ज्ञापन दिए गए हैं। जिले के रेतीला एरिया में किसान बिजली चालित ट्यूबवेल से ही फसलों की सिंचाई करते हैं।
रेतीले भागों में भूमिगत जलस्तर काफी नीचे तक हैं। ऐसे में मोटर के जरिए पानी का उठान करना पड़ता है। जिले में 55 प्रतिशत कृषि क्षेत्र रेतीला है। यहां सिंचाई का साधन जमीनी पानी ही है। हालांकि नहरें भी गुजरती है जिनसे सिंचाई पूरी तरह से संभव नहीं है। रेत के टिब्बे होने की वजह से नहरी पानी से सिंचाई करना मुश्किल होता है। खरीफ सीजन की फसलें तो पूरी तरह से मानसून की बारिश पर ही निर्भर करती हैं। कई सालों से बारिश कम होने की वजह से रेतीला क्षेत्र का भूमिगत जलस्तर बढ़ने की बजाय घट ही रहा है। आने वाले समय में यहां पेयजल संकट भी गहराने के आसान बनने लगे हैं। नहरी पानी की उपलब्धता वैसे ही कम है। अब इस क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए बिजली निगम योजनाबद्ध तरीके से काम करने जा रहा है।
== वर्सन :
कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया जोरों पर है। अब तक तीन चरण पूरे हो चुके हैं। बाढड़ा उपमंडल में ट्यूबवेल कनेक्शन ज्यादा संख्या में हैं। दादरी व बौंद कलां ब्लॉक में नाममात्र के कनेक्शन जारी होने हैं। - एसडीओ राम सिंह, बिजली निगम, बाढड़ा।