चरखी दादरी। जिले के गांव घसौला में प्रस्तावित राजकीय मेडिकल कॉलेज के नामकरण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। हाल ही में प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने मेडिकल कॉलेज का नाम वीर योद्धा राव तुलाराम के नाम पर करने की घोषणा के बाद अब गांव घसौला के ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। इस मुद्दे पर रविवार को गांव में पंचायत आयोजित की गई जिसमें ग्रामीणों पंचायत प्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोगों ने भाग लिया।
पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि गांव घसौला में बनने वाले राजकीय मेडिकल कॉलेज का नामकरण गांव के नाम पर ही किया जाना चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए गांव की भूमि दी गई है और यह परियोजना घसौला की पहचान से जुड़ी हुई है। ऐसे में संस्थान का नाम भी घसौला मेडिकल कॉलेज रखा जाना चाहिए ताकि क्षेत्र और गांव की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।
पंचायत के दौरान प्रस्ताव पारित कर इसे जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम भेजने का निर्णय लिया गया। ग्रामीणों ने कहा कि वे जल्द ही उपायुक्त को ज्ञापन सौंपेंगे और अपनी मांग सरकार तक पहुंचाएंगे। इसके अलावा क्षेत्र के विधायकों और जनप्रतिनिधियों से भी मुलाकात कर उन्हें गांव की भावना से अवगत कराया जाएगा।
अठगामा खाप की बुलाई जाएगी पंचायत
ग्रामीणों ने अगले सप्ताह अठगामा खाप की बैठक भी बुलाई है जिसमें इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा होगी। साथ ही अन्य खापों और सामाजिक संगठनों से भी संपर्क कर समर्थन जुटाया जाएगा। पंचायत में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि यह किसी व्यक्ति विशेष के सम्मान का विरोध नहीं है बल्कि गांव की पहचान और भावनाओं से जुड़ा विषय है। पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि यदि सरकार उनकी मांग पर सकारात्मक विचार नहीं करती है तो आंदोलन की आगामी रणनीति तय की जाएगी।
राव तुलाराम के नाम पर रखा है कॉलेज का नाम
प्रदेश सरकार ने गांव घसौला में राजकीय मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की योजना बनाई है। हाल ही में स्वास्थ्य मंत्री ने इस मेडिकल कॉलेज का नाम राव तुलाराम के नाम पर रखने की घोषणा की थी। इसके बाद से ही क्षेत्र में इस निर्णय का विरोध किया जा रहा है।
घसौला ने अरबों की जमीन दान में दी
स्टोन क्रशर एसोसिएशन के अध्यक्ष सोमबीर घसौला ने कहा कि गांव घसौला ने सरकार को अरबों रुपये की जमीन दान में दी है न की इसे बेचा है। इसलिए ग्रामीणों की भावनाओं को देखते हुए सरकार को मेडिकल कॉलेज का नाम घसौला मेडिकल कॉलेज के नाम से रखना चाहिए। सरकार की ओर से अब तक मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए बजट जारी नहीं किया गया है और न ही यहां के जनप्रतिनिधियों ने इस मांग को उठाया है। सरकार इस मामले पर केवल राजनीति कर रही है।
विधायक से करेंगे मुलाकात
अठगामा खाप के प्रधान परमानंद चाहर ने कहा कि गांव घसौला ने 104 एकड़ जमीन मेडिकल कॉलेज के नाम से दी थी जिसमें से सरकार ने 52 एकड़ जमीन मेडिकल कॉलेज के लिए पास की थी। अब राव तुलाराम के नाम से मेडिकल कॉलेज का नाम रखने पर पूरे गांव में विरोध है। ग्रामीण घसौला मेडिकल कॉलेज चरखी दादरी के सिवाए किसी अन्य नाम को स्वीकार नहीं करेंगे। घसौला में भी बहुत से स्वतंत्रता सेनानी व महापुरुष हुए हैं लेकिन वह किसी व्यक्ति विशेष के नाम से नहीं बल्कि घसौला के नाम से मेडिकल कॉलेज का नाम रखवाने की मांग कर रहे हैं। अगले रविवार को अठगामा खाप की पंचायत बुलाई जाएगी जिसमें विधायक को भी आमंत्रित किया जाएगा।
यहीं बने मेडिकल कॉलेज
गांव घसौला के सरपंच धर्मवीर ने कहा कि ग्रामीणों की मांग है कि गांव में ही मेडिकल कॉलेज बनना चाहिए। गांव ने निशुल्क जमीन दी है और वह इसे वापस नहीं लेना चाहते। यहीं पर मेडिकल कॉलेज बने लेकिन उनकी मांग है कि मेडिकल कॉलेज का नाम राव तुलाराम के बजाय घसौला मेडिकल कॉलेज के नाम से होना चाहिए।