आत्महत्या करने के ये लगाए जा रहे कयास
चर्चा है कि दोनों एक ही गांव और जाति से थे, इसके चलते उन्हें एक होने का अंदेशा नहीं था। इसके चलते दोनों ने यह कदम उठाया। युवती ने अपने लाल रंग के दुपट्टे से फंदा लगाया, जबकि युवक काले रंग के दुपट्टे के फंदे पर लटकता मिला। उसके पैर से खून भी बह रहा था। इस संबंध में पुलिस का कहना है कि खून का कारण कीकर पर फंदा बांधते समय कांटा चुभना भी हो सकता है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो तथ्य सामने आएंगे उस आधार पर अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
एक ही डाल पर लगाया फंदा
युवक और युवती ने पेड़ की एक ही डाल पर फंदा लगाया है। दोनों के शव करीब 30 से अधिक घंटों तक पेड़ से लटकते रहे, जिसके चलते वे फूल भी गए। इसके अलावा युवक की गर्दन में तो फंदा अंदर तक धंसा मिला। दोनों की आंखें भी खराब हो चुकी थीं। जमीन और उनके पैरों के बीच दो से तीन फुट का गेप मिला, जबकि फंदे की लंबाई भी दो से ढाई फुट थी। ऐसे में कयास लगाए जा रहे है कि युवक ने पेड़ की डाल पर चढ़कर दोनों फंदे बांधे।
जहां लगाया फंदा, उससे 100 मीटर की दूरी पर बना एक घर
युवक और युवती ने आत्महत्या के लिए ऐसी जगह को चुना जहां लोगों का आना जाना कम रहता है। जिस जगह उन्होंने पेड़ पर फंदा लगाया है, वहां से करीब 100 मीटर की दूरी पर एक ही घर है। जिस पेड़ पर फंदा लगाया गया है वो उस घर से नजर भी नहीं आता। किसी ने उन दोनों को उस तरफ जाते भी नहीं देखा।
युवती के माता-पिता लगाते नजर आई मुंह देखने की गुहार
घंटों तक फंदे पर लटकने से दोनों के शव से दुर्गंध आने लगी और गर्दन खींच जाने के चलते उनके चेहरे भी पहचान में नहीं आ रहे थे। जिस पेड़ पर फंदा लगाया गया उसके चारों तरफ भी कीकरें ही थीं। ऐसे में मौके पर पहुंची युवती की मां और पिता पुलिस व गांव के मौजिज लोगों से एक बार बेटी का मुंह दिखाने की गुहार लगाते नजर आए।
दोनों के शव एक ही डाले पर लटके मिले हैं। मृतक युवक के फोन की लोकेशन ट्रेस कर पुलिस शवों तक पहुंची और देर रात ही एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया गया। सभी एंगल से मामले की जांच की जाएगी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के तथ्यों के आधार पर पुलिस कार्रवाई अमल में लाएगी। - बलबीर सिंह, एसआई एवं जांच अधिकारी, सदर थाना