चरखी दादरी। अब राजस्व विभाग रबी सीजन में बिजाई की गई सभी प्रकार की फसलों की गिरदावरी करेगा। फरवरी प्रथम सप्ताह में यह कार्य शुरू हो जाएगा। पटवारी प्रत्येक खेत में जाकर फसल का विवरण दर्ज करेंगे। जिले का कुल कृषि योग्य रकबा दो लाख 73 हजार एकड़ है। इस बार 95 प्रतिशत क्षेत्र में रबी की फसलों की बिजाई कर रखी है।
रबी सीजन में किसान सरसों, गेहूं, जौ, चना, मेथी आदि की फसलें उगाते हैं। सरसों की बिजाई ज्यादा एकड़ में कर रखी है। सरसों का बिजित रकबा करीब एक लाख 55 हजार है। इसी प्रकार गेहूं की बिजाई करीब एक लाख एकड़ में कर रखी है। जौ का रकबा भी करीब तीन हजार एकड़ है। क्षेत्र के किसान सब्जी की खेती भी करते हैं। अब तो बागवानी के प्रति भी किसानों का रुझान बढ़ने लगा है। काफी संख्या में किसानों ने बाग लगा रखे हैं। किसानों की पसंदीदा एवं नकदी माने जाने वाली फसल सरसों की बिजाई हर साल ज्यादा एकड़ में होती है।
जिले का 55 प्रतिशत क्षेत्र रेतीला
जिले का 55 प्रतिशत क्षेत्र रेतीला भी है। रेतीले भागों में भी गेहूं, सरसों की फसलें होती हैं। शेष तराई क्षेत्र में खरीफ सीजन में धान व रबी सीजन में गेहूं की बिजाई की जाती है। रेतीले भागों में बिजली नलकूप से सिंचाई की जाती है जबकि तराई भागों में नहरी पानी से सिंचाई हो जाती है। जिला की भूमि काफी उपजाऊ मानी जाती है।
पहले सप्ताह में शुरू होगी गिरदावरी
गत दिसंबर माह तक रबी की सभी प्रकार की फसलों की बिजाई हो चुकी है। 31 दिसंबर तक गेहूं की पछेती बिजाई का कार्य हुआ है। अब राजस्व विभाग फरवरी प्रथम सप्ताह में रबी की सभी प्रकार की फसलों की गिरदावरी करेगा। पटवारी खेतों में जाकर फसल का विवरण दर्ज करेंगे। किस किसान ने कौन-सी फसल की बिजाई कर रखी है उसे रिकार्ड में दर्ज किया जाएगा। इसी विवरण के आधार पर ही सरकार के पास कुल बिजाई का आंकड़ा पहुंचेगा और अनुमानित औसत पैदावार का आकलन होगा।
पांच फरवरी के आसपास रबी की फसलों की गिरदावरी शुरू हो जाएगी। पटवारी खेतों में जाकर बिजाई का विवरण दर्ज करेंगे। बाद में यह आंकड़ा कृषि विभाग को सौंपा जाएगा।
- सदर कानूनगो राजेश कुमार, राजस्व विभाग दादरी।