चरखी दादरी। होली के बाद से ही जिले में तापमान बढ़ रहा है। शनिवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया। इसके बावजूद राहगीरों की प्यास बुझाने के लिए शहर में विभिन्न जगहों पर बने प्याऊ बदहाल हैं। इस संवाददाता ने शहर के कई क्षेत्रों में बने चार प्याऊ का जायजा लिया तो वह बदहाल मिले। इन प्याऊ की न तो सफाई करवाई गई है और न ही उनमें स्वच्छ या शीतल पानी का प्रबंध किया जा रहा है। कई प्याऊ की टोंटियां भी टूटी पड़ी हैं। इससे परेशान राहगीरों ने नगर परिषद प्रशासन से समय रहते प्याऊ दुरुस्त करने की मांग की है।
किस प्याऊ की क्या है हालत
केस-1: कोर्ट के सामने का प्याऊ
कोर्ट परिसर के मुख्य गेट के सामने नगर परिषद ने प्याऊ का निर्माण करवाया है लेकिन इस प्याऊ की टंकी में पानी ही उपलब्ध नहीं है। प्याऊ के बाहर स्थानीय दुकानदारों ने अपना सामान रखा है जिससे राहगीरों की नजर इस प्याऊ तक नहीं पहुंच पाती।
केस-2: आंबेडकर चौक का प्याऊ
आंबेडकर चौक के पास बने प्याऊ में पिछले शनिवार को पानी भरा गया था, लेकिन सप्ताहभर पुराने इस पानी से दुर्गंध आ रही है। प्याऊ का वाटर कूलर भी बंद है। स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब दो साल से इस प्याऊ की टंकी साफ नहीं की जा सकी है।
केस-3: लाला लाजपतराय चौक का प्याऊ
नगर परिषद ने करीब 20 साल पहले लाला लाजपतराय चौक के पास प्याऊ का निर्माण करवाया था। देखभाल बिना प्याऊ की हालत बदहाल है। प्याऊ की टोंटियों के पास लगाया गया वॉस बेसिन झूठे बर्तन धोने के काम आ रहा है।
केस-4: पुरानी सब्जी मंडी रोड का प्याऊ
आंबेडर चौक से रेलवे रोड की ओर जाने वाली सड़क के बीच दो प्याऊ का निर्माण करवाया गया है, लेकिन इनका रखरखाव नहीं हो रहा। प्याऊ की टोंटियां गायब हैं। इनके सहारे रेहड़ीधारकों ने सामान भी रखा है। प्याऊ का वाटर कूलर भी बंद है।
कहीं रखा सामान तो कहीं धुल रहे बर्तन
प्याऊ की तरफ अधिकारियों का ध्यान नहीं है। इसका फायदा अतिक्रमणकारी और दुकानदार उठा रहे हैं। किसी प्याऊ के पास दुकानदारों ने अपना सामान रखा है तो किसी प्याऊ पर चाय विक्रेता बर्तन साफ करते हैं। अगर इन प्याऊ की सफाई और पानी का व्यवस्था की जाए तो राहगीरों को काफी राहत मिलेगी।
प्याऊ पर अतिक्रमण की मुझे जानकारी नहीं है। अगर प्याऊ का निर्माण नगर परिषद की ओर से करवाया गया है तो जेई को मौके पर भेजा जाएगा। अगर प्याऊ नगर परिषद के अधिकार क्षेत्र में होंगे तो इनकी खामियों को दूर करवा दिया जाएगा। - बक्शीराम सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद, चरखी दादरी।