चरखी दादरी। हैंडलिंग एजेंट से 25 लाख रुपये अग्रिम सुरक्षा राशि के तौर पर लेने की शर्त पर शनिवार को आढ़ती और दी जमींदारा सोसायटी के चेयरमैन के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। मामला बढ़ने पर दोनों पक्ष की ओर से पुलिस को लिखित शिकायत देने की बात कही गई। वहीं, हंगामे के कारण पुलिस बल के साथ एसडीएम भी अनाज मंडी पहुंचे लेकिन समस्या न सुलझने पर आढ़तियों ने बेमियादी शटर बंद हड़ताल का एलान कर दिया। कहा कि वह सरसों खरीद में अड़चन नहीं डालेंगे।
दादरी मंडी के आढ़ती शुक्रवार को सरसों खरीद बहिष्कार का फैसला वापस लेने और हैंडलिंग एजेंट बनकर सरसों की खरीद करने के लिए तैयार हो गए थे। शाम को सोसायटी की ओर से हैंडलिंग एजेंट बनने के लिए 25 लाख रुपये की अग्रिम सुरक्षा राशि जमा करवाने की शर्त रखी गई, जो आढ़तियों को रास नहीं आई। आढ़तियों ने शनिवार को धरना जारी रखा और धरनास्थल से मंडी प्रधान रामकुमार रिटोलिया ने समिति के पदाधिकारियों से फोन पर बातचीत की।
इसके बाद द जमींदारा सोसायटी के चेयरमैन विक्रम और प्रबंधक ईश्वर सिंह मोर आढ़तियों के बीच धरनास्थल पर पहुंच गए। वहां दोनों पक्षों में गहमागहमी बढ़ गई और खूब कहासुनी हुई। वहां टकराव की आशंका में एसडीएम नवीन कुमार और सिटी थाने के एसएचओ रमेश कुमार पुलिस बल के साथ पहले ही मंडी पहुंच गए। उन्होंने सोसायटी के पदाधिकारियों की तरफ बढ़ते आढ़तियों को रोककर स्थिति को नियंत्रित किया।
एसडीएम की मध्यस्थता में हुई वार्ता
एसडीएम नवीन कुमार ने सोसायटी के पदाधिकारियों और आढ़तियों के बीच सुलह करवाने का प्रयास किया। उनकी मध्यस्थता में दो दौर की वार्ता हुई, लेकिन समझौता नहीं हुआ। बैठक कक्ष से बाहर आकर आढ़तियों ने बताया कि एसडीएम ने 25 लाख रुपये की शर्त में कोई हस्तक्षेप न करने की बात कही।
सरकारी नीति से बाहर कोई काम नहीं हो रहा। सोसायटी के पदाधिकारियों पर आढ़तियों की ओर से लगाया गया अभद्र व्यवहार का आरोप निराधार है। एसडीएम ने हमें बुलाया था। आढ़तियों ने मेरे और प्रबंधक के साथ गलत व्यवहार किया। गाली-गलौज करने वालों के खिलाफ शिकायत दूंगा। - विक्रम, चेयरमैन, द जमींदारा कोऑपरेटिव सोसायटी, चरखी दादरी।