चरखी दादरी। बुजुर्गाें के परिवार पहचान पत्र की त्रुटियां ठीक करने के लिए सरकार ने चार दिवसीय विशेष कैंप लगाने के निर्देश दिए है। कैंप के पहले तीन दिन लोगों को कोई खास राहत नहीं मिली। आलम ये है कि कहीं पोर्टल बाधा बन रहा है तो कहीं ऑपरेटर की कमी से बुजुर्गाें की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। कई बूथ तो ऐसे हैं जहां पिछले तीन दिनों से ऑपरेटर पहुंचे ही नहीं हैं। ऐसे में बुजुर्ग परिवार पहचान पत्र में खामियां ठीक कराने के लिए चक्कर लगा रहे हैं जबकि अव्यवस्थाओं के चलते उनके काम नहीं हो पा रहे हैं।
संवाददाता ने शहर के विभिन्न बूथों पर आयोजित कैंप का मंगलवार को जायजा लिया। इस दौरान चौंकाने वाले हालात सामने आए। कुछ बूथों से तो ऑपरेटर्स ही नदारद मिले जबकि कुछ पर इंटरनेट व लैपटॉप की व्यवस्था न होने से दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड नहीं हो पा रहे थे। एक बूथ पर एक बीएलओ, एक कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति की गई है, लेकिन अधिकांश बूथों पर बीएलओ बुजुर्गाें से दस्तावेज तो ले रहे हैं लेकिन ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड नहीं कर पा रहे। ऐसे में चक्कर काटने के बाद भी बुजुर्गाें के परिवार पहचान पत्र की खामियां ठीक नहीं हुईं।
बता दें कि 21 जून को अतिरिक्त उपायुक्त डाॅ. जयेंद्र सिंह ने आदेश दिए थे कि जिले के सभी मतदान केंद्रों पर 23, 26, 27 और 28 जून को विशेष कैंप लगाए जाएंगे। शहर और गांवों के सभी 470 पोलिंग बूथों पर बीएलओ 60 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों की पीपीपी आईडी की खामियां ठीक करेंगे, जिससे कि उनकी बुढ़ापा पेंशन में कोई बाधा न आए। जिन बुजुर्गों की जन्मतिथि ठीक नहीं है, उनको फोन कर बूथ पर बुलाया जाना था। सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक यह कार्य किया जाना है। इसके बाद सप्ताह में एक दिन यह कैंप हर बूथ पर लगेगा।
जानिये....किस बूथ पर क्या मिली स्थिति
- केस नंबर 1- बूथ पर तीन दिन से नहीं ऑपरेटर, महज 15 आवेदन आए
शहर के वर्धमान स्कूल में लगाए गए बूथ नंबर 189-90 पर तीन दिन से नहीं ऑपरेटर ही नहीं है। ऐसे में बुजुर्गाें को दिनभर चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है। बीएलओ अनिल कुमार ने बताया कि तीन दिन के कैंप में 15 आवेदन आए हैं लेकिन कंप्यूटर ऑपरेटर नहीं होने के कारण पोर्टल पर अपलोड नहीं किए जा सके। पोर्टल पर मोबाइल से फोटो अपलोड नहीं हो रही है।
- केस नंबर 2- 30 आवेदन आए, पोर्टल पर एक भी नहीं हुआ अपलोड
बूथ नंबर 193-94 पर तीन दिन में 30 आवेदन आए हैं। बीएलओ ने बताया कि पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड नहीं हो पा रहे हैं। यहां कंप्यूटर ऑपरेटर है लेकिन अभी तक सभी आवेदन लंबित हैं। जब तक पोर्टल पर अपडेट नहीं होंगे त्रुटियां भी दूर नहीं हो पाएंगी। बुधवार को कैंप का अंतिम दिन है। उनका प्रयास है कि सभी दस्तावेज अपलोड हों तथा बुजुर्गाें को कोई परेशानी न हो।
केस नंबर 3- तीन दिन से नहीं ऑपरेटर, आवेदन भी महज एक
ब्राह्मण सभा के बूथ नंबर 188 में लगाए गए कैंप में पिछले तीन दिन से ऑपरेटर तक नहीं पहुंच पाया है। बीएलओ सुरेंद्र ने बताया कि उनकी तरफ से उच्च अधिकारियों को फोन के माध्यम से ऑपरेटर उपलब्ध कराने के लिए मांग की गई थी लेकिन अभी तक ऑपरेटर उपलब्ध नहीं हो पाया है। तीन दिन में महज एक बुजुर्ग ने आवेदन किया है।
केस नंबर 4- 3 बूथों पर 3 दिन से नहीं आया ऑपरेटर, 40 बुजुर्गाें को बुलाया
शहर के फाटक के नजदीक बनाए गए बूथ नंबर 167, 168 और 169 के कैंप में पिछले तीन दिन से ऑपरेटर नहीं पहुंच पाया है। 40 बुजुर्गाें की लिस्ट उन्हें मिली थी जिनको फोन के माध्यम से सूचना दी गई है। पोर्टल पर अपलोड नहीं होने के कारण परिवार पहचान पत्र में त्रुटियों को ठीक नहीं किया जा सका है। बीएलओ सतप्रकाश ने बताया कि मोबाइल से पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड नहीं हो रहे हैं। बार-बार उच्च अधिकारियों को ऑपरेटर भेजने के लिए अवगत कराया है लेकिन अभी तक ऑपरेटर नहीं पहुंच पाया है।
केस नंबर 5- छोटूराम धर्मशाला बूथ पर एक बजे ही लटका मिला ताला
बूथ नंबर 160, 161 व 162 के लिए छोटूराम धर्मशाला में बनाए गए कैंप पर तो आलम यह था कि दोपहर एक बजे यहां ताला लटका हुआ था। जबकि अतिरिक्त उपायुक्त के आदेशानुसार शाम चार बजे तक कैंप लगाए जाने थे। शहर के अधिकांश बूथों पर ऑपरेटर ही गायब हैं। ऐसे में बीएलओ बुजुर्गाें के दस्तावेज लेकर अपने पास रख रहे हैं। बीएलओ द्वारा जब फोन के माध्यम से पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड करने का प्रयास किया जा रहा है तो पोर्टल पर तकनीकी समस्या आड़े आ रही है।