चरखी दादरी। प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी के लिए हाल ही में एक उच्चस्तरीय राज्य समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में लिए गए निर्णयों और योजना की प्रगति साझा करते हुए जिला नगर आयुक्त गुलजार मलिक ने बताया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य रेहड़ी-पटरी वालों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है।
राज्यस्तरीय बैठक की अध्यक्षता हरियाणा सरकार के शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव द्वारा की गई जिसमें प्रदेश भर के नगर निगमों और परिषदों को योजना के लाभ जन-जन तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। जिला नगर आयुक्त ने जानकारी देते हुए बताया कि नगर परिषद दादरी द्वारा शहर के छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी संचालकों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना उन सूक्ष्म उद्यमियों के लिए एक वरदान है जो बिना किसी गारंटी के अपना काम शुरू या बढ़ाना चाहते हैं।
उन्होंने पीएम स्वनिधि योजना के लाभ के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि योजना के तहत पहले चरण में 15 हजार, समय पर भुगतान करने पर दूसरे चरण में 25 हजार और तीसरे चरण में 50 हजार रुपये तक का ऋण बिना किसी गारंटी के उपलब्ध कराया जाता है। समय पर किश्तें चुकाने वाले वेंडर्स को सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज सब्सिडी सीधे उनके बैंक खाते में प्रदान की जाती है।
डिजिटल ट्रांजेक्शन का उपयोग करने पर वेंडर्स को मासिक कैशबैक की सुविधा भी मिलती है। जिससे उनकी कुल लागत कम होती है। समय पर ऋण चुकाने वाले पथ विक्रेताओं को क्रेडिट कार्ड की सुविधा भी दी गई है जिसकी लिमिट करीब 40 हजार रुपये है। इस ऋण के लिए किसी भी प्रकार की संपत्ति गिरवी रखने या कागजी जटिलताओं की आवश्यकता नहीं है।
पात्र लाभार्थी तुरंत करें आवेदन : डीएमसी
जिला नगर आयुक्त गुलजार मलिक ने शहर के सभी पात्र स्ट्रीट वेंडर्स से अपील की है कि जिन्होंने अभी तक इस योजना का लाभ नहीं उठाया है, वे तुरंत अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर या नगर परिषद कार्यालय में संपर्क कर अपना पंजीकरण कराएं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन लाभार्थियों ने अपनी पुरानी किश्तें समय पर चुका दी हैं, वे अगली बड़ी राशि के ऋण के लिए प्राथमिकता के आधार पर आवेदन कर सकते हैं। बैठक में यह भी सुनिश्चित किया गया कि बैंकों के साथ तालमेल बनाकर आवेदनों का निपटान तेजी से किया जाए ताकि दादरी के हर पात्र वेंडर तक इस योजना का लाभ पहुंच सके।