चरखी दादरी। दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे छात्रों और युवाओं पर दिल्ली पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को जिला बार एसोसिएशन ने नो वर्क डे मनाकर विरोध दर्ज कराया। बार एसोसिएशन ने आंदोलन कर रहे छात्रों और युवाओं की न्यायसंगत मांगों का समर्थन करते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग की।
शिक्षा बचाओ आंदोलन समिति के नेतृत्व में किला मैदान स्थित धरना स्थल से परशुराम चौक तक जागरूकता मार्च निकाला गया। मार्च में छात्रों, युवाओं, अधिवक्ताओं, विभिन्न खाप पंचायतों, सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों ने भाग लिया। आंदोलनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर शिक्षा बचाओ के नारे लगाए और शहरवासियों से जनआंदोलन का हिस्सा बनने की अपील की।
इस दौरान धरने को सांगवान खाप-40 के प्रधान सोमबीर सांगवान, पूर्व विधायक सुखविंद्र, फोगाट खाप के प्रधान सुरेश फोगाट, हवेली खाप के प्रधान प्रभुराम गोदारा, उधम सिंह उमरवास, पूर्व सीपीएस रणसिंह मान, रणबीर घसोला, धर्मेंद्र छपार, जेजेपी जिला अध्यक्ष रविंद्र सांगवान, लक्ष्मी बलौदा, रणधीर घिकाड़ा, इनेलो जिला अध्यक्ष सूबे सिंह अटेला, विजय पंचगामा, पूर्व विधायक धर्मपाल सांगवान आदि ने समर्थन दिया।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि देश के विद्यार्थियों और आने वाली पीढि़यों के भविष्य को सुरक्षित करने का है। सरकार को शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने व छात्रों और युवाओं की आवाज को सम्मानपूर्वक सुनना चाहिए।