चरखी दादरी। पंजाब, दिल्ली, से जयपुर को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे 148बी के दोनों किनारे दरकने लगे हैं लेकिन जिम्मेदार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। फरवरी व मार्च माह में हुई अच्छी बारिश के बाद महेंद्रगढ़ चौक से लेकर मंदोला, बलकरा और जिले के अंतिम छोर के गांव बधवाना-पालड़ी तक 100 से अधिक गड्ढे बने हुए हैं। हालात यह हैं कि दो वाहन बराबर निकलें तो इन गड्ढों के कारण बड़े हादसे हो सकते हैं।
दादरी के महेंद्रगढ़ चौक से लेकर जिले के अंतिम छोर के गांव पालड़ी के बीच सड़क मार्ग के किनारों से बारिश के बाद मिट्टी खिसकने से गहरे गड्ढे बन गए हैं। यह गड्ढे कभी भी बड़े हादसों को अंजाम दे सकते हैं। इन गड्ढों को जल्द ही ठीक नहीं किया गया तो यह कहीं-कहीं से और धंस सकती है। वहीं एनएचएआई अधिकारियों को इसकी जानकारी ही नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि गड्ढे हैं तो जांच करवा ठीक करवाए जाएंगे।
- करीब 15000 वाहनों का होता है प्रतिदिन आवागमन
बता दें कि जिले से 152-1डी गुजरता है। जो कि सीधे राजस्थान से पंजाब-हिमाचल को जोड़ता है। इसके अलावा दूसरा मुख्य रोड 148बी हाईवे है, जो कि फिलहाल निर्माणाधीन है। इस रोड से प्रतिदिन हजारों वाहनों का आवागमन होता है। खनन एरिया होने के चलते सबसे ज्यादा वाहन दिल्ली, गुरुग्राम की ओर निकलते हैं। इसके अलावा यह रोड भिवानी और रोहतक को भी जाता है। औसतन हर रोज 15 हजार से अधिक वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं।
- रात को नजर नहीं आते गड्ढे, बन सकते है हादसों का कारण
बारिश से कटाव के बाद बने यह गड्ढे रात के समय दिखाई नहीं देते। नेशनल हाईवे होने के कारण यहां तेज रफ्तार से भी वाहन गुजरते हैं। ऐसे में यह लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। कई जगह मिट्टी के कटाव के कारण सड़क टूटकर सफेद पट्टी तक पहुंच चुकी है और टूटने का क्रम भी जारी है। जल्द हालात नहीं सुधरे तो कभी भी हादसा हो सकते है।
- यहां हैं खतरनाक प्वाइंट
महेंद्रगढ़ चौक से करीब तीन किलोमीटर तक किनारों पर गड्ढे बने हुए हैं। वहीं मंदोला, बलकरा पुल, घसौला बस स्टैंड, सहित जिले की सीमा तक करीब 100 से अधिक गड्डों के कारण हादसों का भय बना हुआ है। हाईवे होने के कारण यातायात का दबाव भी अधिक है तथा वाहनों की गति भी अधिक रहती है ऐसे में बड़े हादसों का अंदेशा बना रहता है।
कुछ दिन पहले राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, मार्केटिंग बोर्ड, पंचायती राज, नगरपरिषद आदि विभाग को बैठक ली गई थी। जिसमें उनको अपनी सड़कों और आम रास्तों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। जहां भी सड़क खराब है, उसका पुनर्निर्माण, सड़कों पर यातायात सूचक बोर्ड, सफेद पट्टी का कार्य करवाया जाएगा। जल्द ही 148बी का सर्वे करवाकर जहां भी खामियां हैं, उन्हें शीघ्र दुरुस्त कराया जाएगा।
-जयेंद्र सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त, चरखी दादरी।