गेहूं की खरीद बंद हो चुकी है, लेकिन मंडियों में अभी भी मौसम की मार से अनाज को बचाने के पुख्ता प्रबंध नहीं हैं। रविवार दोपहर हुई बारिश से मंडी में करीब दस हजार क्विंटल गेहूं भीग गया। बारिश रुकते ही गेहूं को सूखाने की बजाय हेंडलिंग एजेंटों ने इन्हें बारदानों में भरवा दिया। इस गफलतबाजी की ओर खरीद एजेंसियों के किसी अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया। इस सीजन में चौथी बार दादरी मंडी परिसर में गेहूं भीगा है।
जिले में गेहूं की खरीद एक अप्रैल से शुरू हुई थी, जो 29 अप्रैल को बंद कर दी गई थी। इस बार जिले में करीब साढ़े आठ लाख क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। इस बार किसानों से करीब 147 करोड़ का गेहूं खरीदा गया है। भुगतान की अगर बात करें तो करीब 40 फीसदी से अधिक बकाया है। हालांकि खरीद बंद होने से अब उठान में तेजी आई है, लेकिन मंडियों में पड़े गेहूं को बारिश से बचाने के पुख्ता प्रबंध अब तक नहीं हैं। रविवार दोपहर को आई बारिश ने व्यवस्थाओं की दोबारा से पोल खोलकर रख दी।
रविवार दोपहर दो बजे मौसम में परिवर्तन आने से बारिश शुरू हुई। करीब ढाई बजे तक बारिश का दौर चला। दो बजकर चालीस मिनट पर अमर उजाला टीम नई अनाज मंडी पहुंची और वहां रखे गेहूं के बैग और ढेरियों का जायजा लिया। मंडी परिसर में करीब 14 ढेरियां मिलीं जिनमें से 11 पर तिरपाल ढका हुआ था, जबकि तीन ढेरियां बिन तिरपाल की थीं। एक ढेरी में तो आठ हजार क्विंटल से अधिक गेहूं पड़ा था, जो बारिश के चलते भीग गया। बारिश रुकते ही श्रमिकों ने ढेरी में पड़े गेहूं को बारदानों में भरने का काम दोबारा शुरू कर दिया, जबकि ऐसा करना नियमों के खिलाफ है।
वेयर हाउस का पड़ा सात हजार क्विंटल गेहूं
अनाज मंडी में वेयर हाउस का उठान कार्य तेज हुआ है। वेयर हाउस का करीब सात हजार क्विंटल गेहूं मंडी में पड़ा हुआ है। वहीं, हैफेड का इससे कहीं अधिक गेहूं मंडी में पड़ा हुआ है। दोनों एजेंसियां इस समय गेहूं का उठान करवाने में जुटी हुई हैं। रविवार को मंडी में करीब 10 बड़े ट्रक गेहूं के बैगों का उठान करने पहुंचे।
हेंडलिंग एजेंट को करनी होगी नुकसान की भरपाई
इस खरीद सीजन में चार बार मंडी परिसर में गेहूं भीग चुका है लेकिन अब तक खरीद एजेंसी के अधिकारियों की कार्रवाई नोटिस तक सीमित है। इन एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि बारिश में भीगा गेहूं गोदाम पहुंचने पर अगर रिजेक्ट किया जाता है तो इसकी भरपाई हेंडलिंग एजेंट को ही करनी होगी।
अब थोड़ा ही गेहूं मंडी परिसर में बचा है। हम तेजी से गेहूं के बैगों का उठान करवा रहे हैं। अगर गीला गेहूं बैगों में भरा गया है तो यह गलत है। जांच के दौरान इस गेहूं को गोदाम से वापस भेज दिया जाएगा।
राजेश ग्रेवाल, परचेज मैनेजर, वेयर हाउस कॉरपोरेशन