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Charkhi Dadri News: पुलिस अधीक्षक नितिका को फिक्की की ओर से मिला स्मार्ट पुलिसिंग अवाॅर्ड

Sun, 17 Sep 2023 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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मोबाइल एप का परीक्षण करते पुलिस कर्मचारी।
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से संबंधित जानकारी भी मिलेगी एप पर
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिला पुलिस अधीक्षक नितिका गहलोत को साइबर क्राइम मैनेजमेंट साफ्टवेयर और रोड सेफ्टी ट्रैफिक मैनेजमेंट मोबाइल एप्लीकेशन बनाने पर स्मार्ट पुलिसिंग अवाॅर्ड 2022 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान फेडरेशन आफ इंडियन चेंबर्स आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की ओर से नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में दिया गया। इस कार्यक्रम में देशभर से 23 जांच एजेंसियों ने भाग लिया था।
पुलिस अधीक्षक नितिका ने बताया कि रोड सेफ्टी ट्रैफिक मैनेजमेंट मोबाइल एप का परीक्षण सफल रहा है। इसके माध्यम से पुलिसकर्मियों को वाहनों की जांच करने में महज 30 सेकेंड से एक मिनट का समय लगेगा। एप में वाहन की नंबर प्लेट स्कैन करते ही उससे संबंधित पूरी जानकारी मोबाइल पर आ जाएगी। इसमें वाहन मालिक, दस्तावेजों की जानकारी शामिल है। साथ ही यह भी जानकारी मिल सकेगी कि संबंधित वाहन चोरी का तो नहीं है। मोबाइल एप में वाहनों से संबंधित पूरा रिकॉर्ड अपडेट किया गया है। उन्होंने बताया कि इस एप के माध्यम से चोरी या चोरी के वाहन की नंबर प्लेट बदल वारदात करने वाले वाहनों का भी जल्दी से पता चल सकेगा। इस एप की मदद से पुलिसकर्मी तत्परता से कार्रवाई कर सकेंगे और अपराध पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
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पुलिस अधीक्षक नितिका गहलोत ने बताया कि रोड सेफ्टी ट्रैफिक मैनेजमेंट मोबाइल एप से वीआईपी कार्यक्रम के दौरान वाहनों की पार्किंग में भी सहुलियतें होगी। कार्यक्रम के दौरान वीआईपी पार्किंग में खड़े होने वाले वाहनों की जानकारियां पहले ही इस एप में दर्ज की जा सकेगी। जिससे वीआईपी पार्किंग में केवल उन्हीं वाहनों को प्रवेश दिया जा सकेगा, जिनका रिकाॅर्ड एप पर दर्ज होगा।
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पुलिस अधीक्षक नितिका गहलोत ने बताया कि साइबर क्राइम मैनेजमेंट साफ्टवेयर साइबर क्राइम से संबंधित मामलों को सुलझाने में पुलिस की काफी मदद करेगा। उन्होंने बताया कि इस साफ्टवेयर में साइबर क्राइम से संबंधित मामलों में आरोपियों की पूरी जानकारी अपडेट की जाएगी। जिसमें उनका नाम, पता, बैंक खाता, फोन के आईएमईआई इत्यादि नंबर दर्ज किए जा सकेंगे। जिससे पुलिस साइबर क्राइम से जुड़े अपराधियों का डाटा एक क्लिक से निकाल सकेगी। इससे यह भी पता चल सकेगा कि संबंधित अपराधी इससे पहले कितनी और वारदात में शामिल रहा और उसने किस प्रकार वारदात को अंजाम दिया। ऐसे में अपराधियों को रिमांड पर लेने और उन्हें सजा दिलवाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा संदेहास्पद मोबाइल नंबरों, बैंक खातों को ब्लाॅक भी करवाया जा सकेगा। जिससे साइबर क्राइम से संबंधित वारदातों को जल्द सुलझाया जा सकेगा।
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