चरखी दादरी। बालक को घर जैसा वातावरण देकर शिक्षिकाएं बच्चों की पढ़ाई में रुचि बढ़ा सकती हैं। ‘खेल-खेल में शिक्षण’ की बहुआयामी गतिविधियों का प्रयोग कर बच्चे के लिए शिक्षा को सरल बनाना शिक्षिकाओं का दायित्व है। उत्तम सुविधाएं एवं अनुभवी अध्यापक के बल पर ही विद्यार्थी का सर्वांगीण विकास संभव है।
एचडी किड्स केयर समसपुर के वार्षिक उत्सव के दौरान अभिभावकों को संबोधित करते हुए डाॅ. अस्मिता फोगाट ने बतौर मुख्य अतिथि ये बातें कहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता रजत फोगाट ने की।
रजत फोगाट ने कहा कि मोबाइल फोन से कच्ची उम्र में खासकर बच्चों को दूर रखें और जब मोबाइल हाथ में हो तो बच्चों पर निगरानी रखें। रजत फोगाट ने कहा कि वार्षिक समारोह का आयोजन छात्रों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, क्योंकि यह उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर प्रदान करता है।
गणेश वंदना में नमिश, यशिका, छवि, सौम्या एवं चेतना की उपस्थिति रही। नर्सरी कक्षा की हिताक्षी, कनक, माही, मानसी, मोनिशा, प्रिशा, स्नेहा, वंशिका हितिका, दीक्षा, जशिका, भूमि एवं दुर्विका ने पापा मेरे पापा गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया।
दिव्यांश, गर्वित, नमिश, तनुज, वंश, यश, युवांश, रियांश, रति, देव, नितिन, चिराग, हिमांशु, समर, भव्य, पोरस, इशान और डेविश के ’ऐ वतन’ गीत ने देश के प्रहरी फौजियों की याद ताजा कर दी।
कार्यक्रम में एचओडी अंजलि कालरा, पूजा सोनी, कविता सैनी, कविता हुड्डा, अंशुल जुनेजा और रेखा कादयान आदि अध्यापिकाओं का योगदान रहा।