चरखी दादरी में धरनास्थल पर पहुंचकर प्रदर्शनकारी खेमा से बातचीत करतीं एसपी नितिका गहलोत।
चरखी दादरी। कथित फर्जी मुठभेड़ और 10 लाख रुपये की रिश्वत मामले में शिकायतकर्ता पक्ष का धरना रविवार को 14वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी खेमे में कड़कड़ाती ठंड के बावजूद महिलाएं शामिल हुईं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया और फर्जी मुठभेड़ मामले में त्वरित कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। वहीं, एसपी नितिका गहलोत रविवार को स्वयं धरनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने मामले में न्याय करने का आश्वासन दिया।
भारतीय किसान यूनियन के उपाध्यक्ष राजेंद्र तोमर, वीरेंद्र फौगाट, राजेश सांगवान, अधिवक्ता इंद्रजीत फौगाट, अधिवक्ता प्रदीप डाला, अधिवक्ता विनोद चाहार, अधिवक्ता कृष्णा देवी, जाखड़ खाप से कपूर जाखड़, कांग्रेस नेता नितिन जांघू, जिला पार्षद मोहित साहू आदि धरनास्थल पर पहुंचे। वहीं, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता रमेश दलाल ने शिकायतकर्ता परिवार का पक्ष जाना। उन्होंने धरने को समर्थन दे चुके लोगों से एकजुट रहने का आह्वान किया। उन्होंने कमेटी गठित कर एसपी और उपायुक्त से बातचीत करने का सुझाव भी प्रदर्शनकारी खेमे को दिया। उनका सुझाव सुनकर धरनारत व्यक्तियों ने समर्थन किया।
इसके बाद एसपी नीतिका गहलोत धरने पर पहुंचीं और क्षेत्र के बुद्धिजीवी व्यक्तियों की समिति गठित करने संबंधी उनके निर्णय का स्वागत किया। एसपी ने कहा कि समिति गठित होते ही वह उसी समय लोगों के बीच पहुंच जाएंगी। एसपी ने धरनारत व्यक्तियों को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर पीड़ित पक्ष को न्याय दिलवाने का भी आश्वासन दिया।