चरखी दादरी। खेल विभाग की अनदेखी के चलते खेल स्टेडियमों में पर्याप्त मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जिले की खेल प्रतिभाएं दम तोड़ रही हैं। आलम ये है कि जिले के छह राजीव गांधी खेल स्टेडियम की लंबे समय से मरम्मत तक नहीं हो पाई है।
जिला खेल विभाग गत वर्ष नवंबर माह में स्टेडियम की दशा सुधारने के लिए 1.80 करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाकर मुख्यालय भेज चुका है। आठ माह बाद भी एस्टीमेट को स्वीकृति तक नहीं मिल पाई है जबकि लंबे समय से खिलाड़ी खेल स्टेडियमों में मूलभूत सुविधाएं मुहैया होने का इंतजार कर रहे हैं। इतना ही नहीं बौंद, सांवड़, रानीला व बेरला जिला के बड़े गांव हैं और यहां स्टेडियम निर्माण की दरकार है।
बता दें कि जिले में कुल छह राजीव गांधी खेल स्टेडियम हैं। ये स्टेडियम चांदवास, झोझूकलां, बिरहीकलां, अमीना, मकड़ाना व छपार में बने हैं। अधिकांश स्टेडियम के खिड़की-जंगले, जालियां, चहारदीवारी, शौचालय, बिजली, पानी, साफ-सफाई, खेल सामान आदि मूलभूत सुविधाएं ही नदारद हैं। वहीं, जिला खेल विभाग को इनकी दशा सुधारने के लिए अभी तक बजट का इंतजार है। नवंबर माह में जिला खेल विभाग की ओर से इन बदहाल स्टेडियमों की सुध लेकर एस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय भेजे गए थे। आठ माह का समय बीतने के बावजूद भी एस्टीमेट को स्वीकृति नहीं मिल पाई है।
- जिला में ये है खिलाड़ियों की स्थिति
खेल के क्षेत्र में जिले के खिलाड़ी विश्व पटल पर जिले का नाम रोशन कर चुके हैं लेकिन प्रदेश का खेल विभाग एवं सरकार खिलाड़ियों को खेल सुविधाएं तक मुहैया कराने में विफल रही है। इस समय जिले में 30 अंतरराष्ट्रीय, 50 राष्ट्रीय, 30 राज्य स्तरीय व 2 हजार जिला स्तरीय खिलाड़ी हैं। ओलंपिक से लेकर प्रदेश स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं तक जिले की भागीदारी अवश्य रहती है। लेकिन खेल स्टेडियमों में सुविधाओं के नाम पर जिले के खिलाड़ियों को निराशा ही हाथ लगती है। ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को मूलभूत सुविधाओं के लिए या तो निजी खेल एकेडमियों का सहारा लेना पड़ता है या फिर अन्य जिलों में प्रशिक्षण लेने को मजबूर होना पड़ रहा है।
जिला खेल विभाग की ओर से नवंबर 2022 को निदेशक खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग को छह स्टेडियमों की मरम्मत एवं मूलभूत सुविधाओं को लेकर 1.80 करोड़ का एस्टीमेट बनाकर भेजा था। उम्मीद है कि जल्द ही स्वीकृति मिलेगी। बजट मिलते ही स्टेडियमों में मरम्मत, साफ-सफाई, चहादीवारी, लेवलिंग, टूटे खिड़की जंगलों की मरम्मत, पानी सहित अन्य प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
बस्तीराम, जिला खेल अधिकारी, चरखी दादरी