चरखी दादरी। स्कूल बस का चालान करने के मामले में सीजेएम कोर्ट ने गत 31 मार्च को डीटीओ (डिस्ट्रिक ट्रांसपोर्ट ऑफिसर) व सहकर्मियों पर छह धाराओं के तहत केस दर्ज करने के आदेश दिए थे। अब इस मामले में सेशन कोर्ट ने भी डीटीओ की याचिका खारिज करते हुए सीजेएम कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। इतना ही नहीं इस मामले में कोर्ट ने पुलिस की भूमिका भी सवाल खड़े किए है। सीजेएम कोर्ट ने सात मई को इस मामले का चालान पेश करने का आदेश पुलिस को दिया हुआ है।
अधिवक्ता इंद्रजीत ने बताया कि सात दिसंबर 2021 को एक सीबीएस स्कूल की बस का आरटीओ स्टाफ द्वारा गलत चालान किया गया था। इस मामले में स्कूल प्राचार्य सुरेश सोलंकी की याचिका पर सुनवाई करते हुए सीजेएम संदीप यादव की कोर्ट ने गत 31 मार्च को डीटीओ दर्शना भारद्वाज व अन्य के खिलाफ धारा 166, 167, 192, 465, 467 व 471 के तहत एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। उक्त फैसले को निरस्त करवाने के लिए डीटीओ दर्शना भारद्वाज द्वारा एक याचिका सेशन जज हेमंत यादव की कोर्ट में दायर की गई थी। स्कूल की तरफ से अधिवक्ता इंद्रजीत फौगाट व पवन कुमार लांबा ने पैरवी की। बहस के बाद सेशन कोर्ट ने डीटीओ की याचिका को खारिज कर दिया।
अधिवक्ता इंद्रजीत फौगाट ने बताया कि सेशन कोर्ट ने पहले वाले फैसले को बरकरार रखा है और इसके अतिरिक्त पुलिस की भूमिका पर भी सवाल दागे हैं। उन्होंने बताया कि गत 31 मार्च को सुनाए गए फैसले में सिटी थाना प्रभारी को इस संबंध में जल्द एफआईआर दर्ज करने और पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर 7 मई 2022 तक रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए गए थे। लेकिन पूरे मामले में अभी तक शहर थाना प्रबंधक द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।