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Satyapal Malik Death: दादरी के भांजे थे पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक, यहां की गलियों में बीता बचपन

Tue, 05 Aug 2025 03:59 PM IST
शाहिल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी चरखी दादरी

सार

पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक को देश ने खो दिया। वो दादरी के भांजे थे। उनका बचपन यहीं बीता था। सत्यपाल मलिक की माता जुगनी देवी दादरी से थीं। इसके चलते बचपन, जवानी और वृद्धावस्था में उनका दादरी आना रहा।
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सत्यपाल मलिक का निधन - फोटो : ANI
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विस्तार
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बेबाक बोल से अपनी पहचान बनाने वाले पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक को देश ने खो दिया। वो दादरी के भांजे थे। उनका बचपन यहीं बीता था। इतना ही नहीं, प्रारंभिक पढ़ाई भी उन्होंने शहीद दलबीर सिंह राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल से की थी। इतना ही नहीं दादरी आते ही उन्हें बचपन याद आ जाता था और इसका जिक्र वो मंच से भी करते थे।

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बता दें कि सत्यपाल मलिक की माता जुगनी देवी दादरी से थीं। इसके चलते बचपन, जवानी और वृद्धावस्था में उनका दादरी आना रहा। फोगाट खाप प्रधान सुरेश फोगाट ने बताया कि सत्यपाल मलिक चार बार बाबा स्वामी दयाल धाम पर आए। अंतिम बार वो 15 जनवरी 2024 को दादरी आए थे। इससे पहले वो 2 जनवरी 2022 को बाबा स्वामी दयाल धाम पर भी पहुंचे थे। उन्होंने किसान आंदोलन का समर्थन किया था और फोगाट खाप की ओर से उस दौरान उन्हें सम्मानित भी किया गया था। उस दौरान सत्यपाल मलिक मेघालय के राज्यपाल थे और उन्होंने जिला वासियों को मेघालय आने का निमंत्रण भी दिया था।

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खापों को मानते थे समाज की अहम कड़ी

सत्यपाल मलिक खाप परंपरा के पक्षधर थे। वो मानते थे कि खापों की समाज निर्माण में अहम भूमिका है। उनका मानना था कि खाप पंचायतों ने समाज में मान-मर्यादा और भाईचारे की भावना को कायम रखने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

सत्यपाल मलिक बेबाक व दबंग राजनेता और सच्चे इंसान थे। उनके निधन से देश को बड़ी क्षति हुई है जिसकी भरपाई संभव नहीं है। दादरी से उनका खास जुड़ाव था और किसान आंदोलन का समर्थन करने पर वर्ष 2022 में फोगाट खाप ने उन्हें दादरी बुलाकर सम्मानित भी किया था। -सुरेश फोगाट, प्रधान, फोगाट खाप-19

सत्यपाल मलिक हर वर्ग के हितैषी थे। किसान व जवान का पक्ष लेने के लिए हरदम तैयार रहते थे। मेघायल के राज्यपाल रहते हुए वे दादरी आए थे और उस दौरान सभी खापों व संगठनों के पदाधिकारियों से मिले थे। उनका व्यक्तित्व महान था। -नरसिंह सांगवान, सचिव, सांगवान खाप-40
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