चाहे 4x4 वाहन लेकर जाओ, पर जांच करके आओ
पिछली बैठक से लंबित पिचौपा के ग्रामीणों ने माइनिंग कंपनी के भूजल दोहन करने की शिकायत की सुनवाई हुई। महिला माइनिंग अधिकारी ने कहा कि सरकारी गाड़ी उस जगह तक नहीं जा पाई। इसके चलते जांच आगे नहीं बढ़ सकी। इस पर उपायुक्त ने कहा कि चाहे 4 x4 वाहन लेकर जाओ पर जांच करके आओ।
इसी जिले से मिलनी है रिपोर्ट, दूसरे ग्रह पर नहीं जाना
झोझूकलां निवासी सुरेशचंद्र ने साल 2011 में बीपीएल परिवारों को आवंटित भूखंडों पर कब्जा दिलाने की गुहार लगाई। इस पर बीडीपीओ ने पक्ष रखते हुए कहा कि पैमाइश रिपोर्ट आने के बाद कब्जा दिला देंगे। इस पर उपायुक्त ने कहा कि 14 साल बाद भी पात्रों को भूखंडों पर कब्जा नहीं मिला है, इससे ज्यादा देरी और क्या होगी। उन्होंने कहा कि पैमाइश रिपोर्ट जिले में ही मिलनी है। इसके लिए किसी दूसरे ग्रह पर नहीं जाना है।
बिजली निगम का सिस्टम गलत हो सकता है, जांच कराओ
वार्ड-3 निवासी सत्यवंती ने बिजली निगम के खिलाफ शिकायत दी। सत्यवंती ने कहा कि जब उन्होंने मीटर लगवाया था तो 4,000 रुपये सिक्योरिटी जमा कराई थी। बिजली निगम ने उनसे अतिरिक्त बिल भी वसूला और अब पूरी सिक्योरिटी राशि उसे नहीं दी जा रही है। इस पर अधिकारी ने पक्ष रखते हुए कहा कि सिस्टम ने 1348 रुपये सिक्योरिटी राशि दर्शाई थी, जो वापस कर दी है। इसके अलावा, 13,249 रुपये बिल के रिफंड किए गए हैं। इस पर डीसी ने कहा कि जब सिक्योरिटी राशि 4,000 ली गई तो 1348 रुपये देने का क्या मतलब। उन्होंने इस मामले की जांच नायब तहसीलदार व अकाउंट ऑफिसर से कराने के निर्देश दिए।
भूमाफिया के साथ विभाग की मिलीभगत
पिछली बैठक से लंबित अवैध कॉलोनियों संबंधी शेरसिंह की शिकायत भी बैठक में रखी गई। शेरसिंह ने जिला नगर योजनाकार विभाग पर भूमाफिया के साथ सांठ-गांठ कर अवैध कॉलोनियां विकसित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उपायुक्त के आदेशानुसार जांच के लिए जब एसडीएम पहुंचे तो मकान मालिकों के बजाय वहां भूमाफिया पहुंच गए। जिला योजनाकार विभाग के अधिकारियों से जांच के लिए टीम पहुंचने की जानकारी साझा करते हैं तो वे तत्काल आगे बात पहुंचा देते हैं। उपायुक्त ने इस मामले की जांच भी नए एसडीएम से कराने का आश्वासन दिया।
ये भी पढ़ें: Haryana: बिजली चोरी पकड़ने गई टीम पर टूट पड़े ग्रामीण, बंधक बनाकर पीटा, निगम कार्यालय में पुलिस तैनात