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पंचगांव में लगातार आठवीं बार सामान्य वर्ग से बनेगा सरपंच

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बाढड़ा। उपमंडल के गांव पंचगांव की चौधर लगातार सातवीं योजना में सामान्य वर्ग के हाथ में होगी। सरपंच, ब्लॉक समिति और जिला परिषद के चुनाव को लेकर ग्रामीणों में उत्साह है। मतदाता अपना विजन स्पष्ट कर चुके हैं और उनका कहना है कि मुखिया उसे चुनेंगे जो हर दृष्टि से इसके लायक हो। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव में चुनाव हमेशा शांतिपूर्वक और सौहादपूर्ण माहौल में संपन्न होता है और इस बार भी ऐसी ही उम्मीद है।
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बता दें कि पंचगांव की आबादी करीब 1200 है। गांव में 369 पुरुष और 323 महिला मतदाता हैं। बाढड़ा उपमंडल के इस छोटे से गांव में पिछले करीब 34 सालों से सामान्य वर्ग को ही गांव के मुखिया की कमान मिली है और इस साल भी सरपंच का पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित है। ऐसे में चुनावी चर्चाएं गांव में जोर पकड़े हुए है।
संवाददाता ने सोमवार सुबह 11 बजे पंचगांव पहुंचा तो पहली ही गली में दूषित पानी भरा हुआ मिला। इसके बाद कुछ आगे जाने पर गांव की फिरनी में भी दूषित पानी भरा हुआ मिला। ग्रामीणों ने कहा कि कई योजनाएं जा चुकी हैं, लेकिन इन समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया। उनका कहना है कि इस बार उसे गांव का सरपंच चुना जाएगा जो गांव में दूषित पानी की निकासी के लिए उचित प्रबंध करेगा।
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ग्रामीणों का कहना है कि गांव में दूषित पानी की निकासी नही होने से दूषित पानी भरा रहता है जिससे गांव में बीमारियां फैलने का भय बना हुआ है। वहीं, निवर्तमान सरपंच राजेश कुमार से जलभराव की समस्या पर बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि पानी निकासी के लिए पाइप भी मंगवा दिए थे, लेकिन विरोध के चलते इन्हें दबा नहीं पाए।
निवर्तमान सरपंच बोला: गांव में सीसीटीवी कैमरे और वॉटर कूलर लगवाए
निर्वतमान सरपंच राजेश कुमार ने बताया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में गांव में सीसीटीवी कैमरे और तीन वाटर कूलर लगवाए। इसके अलावा गलियों का निर्माण और श्मशान घाट के रास्ते को पक्का कराने के साथ टीन शेड लगवाई। बस अड्डे पर स्वागत गेट, पानी की टंकी व शौचालय का निर्माण करवाया। खेल मैदान में पानी की टंकी और चहारदीवारी के साथ खेल सामना मुहैया कराया।
गांव में ये बने हैं अब तक सरपंच
1988 में डालावास व पंचगावां का सरपंच एक ही होता था और उस योजना में ओमप्रकाश दोनों गांव के सरपंच थे। इसके बाद डालावास से अलग पंचायत बनने पर पंचगांव में पहली महिला संतरो देवी सरपंच बनी। उनके बाद फिर से ओमप्रकाश गांव में सरपंच चुने गए। इसके बाद सोमबीर और फिर सत्यव्रत सरपंच बने। उनके बाद जयवीर और गत योजना में राजेश कुमार को मतदाताओं ने सरपंच बनाया।
ये है पंचगांव के आंकड़े
कुल आबादी- 1200
कुल मतदाता - 692
महिला मतदाता - 323
पुरुष मतदाता- 369
मतदाता बोले: समस्याओं का समाधान कराने वाले को देंगे प्राथमिकता
- जो उम्मीदवार गांव में दूषित पानी की निकासी का उचित प्रबंध करने का वादा करेगा, उसे ही हम वोट देंगे। लंबे समय से जलभराव और दूषित पानी की निकासी न होने का दंश झेल रहे हैं और इससे परेशान हो चुके हैं।
मंदीप कुमार, ग्रामीण
- गांव में नालियों की सफाई नहीं होने से गलियों में दूषित पानी भरा रहता है जिससे लोगों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बारे कई दफा प्रशासन को अवगत करा चुके हैं लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है।
संजीव कुमार, ग्रामीण
- जो सरपंच उम्मीदवार गांव में सार्वजनिक कार्य बिना भेदभाव व लोभ-लालच के करवाएगा उसे मैं अपना वोट दूंगा। इसमें ही अपना व गांव का भला है। मतदान से पहले उम्मीदवार को मैं हर स्तर पर परखूंगा और उसके बाद ही एक का नाम तय करूंगा।
अंकित कुमार, ग्रामीण
- गांव में दूषित पानी की निकासी नहीं है जबकि नालियां भी कंडम हैं। दूषित पानी की निकासी के प्रबंध न होने से ग्रामीण परेशान हैं और लंबे समय से इस समस्या का दंश झेल रहे हैं। गांव के नए मुखिया से मुझे और अन्य ग्रामीणों को काफी उम्मीदें हैं।
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अनिल कुमार, ग्रामीण
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