संवाद न्यूज एजेंसी
बाढड़ा। विधानसभा क्षेत्र के आठ गांवों में दूषित पानी की निकासी के समाधान के लिए अब स्थायी प्रबंध किए जाएंगे। इसके तहत विकास एवं पंचायत विभाग की ओर से तीन गांवों में सीवरेज लाइन और पांच गांवों में नालों का निर्माण करवाया जाएगा। इसके लिए सरकार ने विभाग को 1. 56 करोड़ की धनराशि जारी कर दी है। जल्द ही विभाग की ओर से टेंडर प्रक्रिया सिरे चढ़ाई जाएगी।
विधायक नैना चौटाला ने बताया कि पंचायती राज विभाग ने सीवरेज लाइन और नाला निर्माण कार्यों के लिए एस्टीमेट तैयार किए। अब प्रदेश सरकार ने विभाग के प्रपोजल को स्वीकृति दे दी है। इस कार्य के पूरे होने के बाद इन आठ गांवों में दूषित पानी की निकासी के पुख्ता प्रबंध हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि इन गांवों में दूषित पानी की निकासी के पुख्ता प्रबंध न होने से मुख्य गलियों में गंदा पानी जमा रहता है। इससे ग्रामीणों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था लेकिन अब सीवरेज लाइनें और नाले बनने से इन समस्याओं ग्रामीणों को निजात मिलेगी। उन्होंने बताया कि गांव नरसिंहवास और सारंगपुर में भी दूषित पानी की निकासी के लिए परियोजना स्वीकृत की गई है।
इस गांव में इतनी राशि होगी खर्च
गोठड़ा में 15.35 लाख रुपये, खेड़ी सनवाल में 8.63 लाख रुपये, कारी मोद में 19.24 लाख रुपये, डांडमा में 13.21 लाख रुपये, शीशवाला में 25.84 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, सीवरेज लाइन डालने के लिए गांव महराणा में 15.81 लाख रुपये, काकड़ौली हुक्मी में 24.73 लाख रुपये और गांव पिचौपा कलां में दूषित पानी को एकत्र करने के लिए तालाब खुदाई और सीवरेज लाइन के लिए 33.88 लाख रुपये की राशि खर्च की जाएगी। उन्होंने बताया गांव नरसिंहवास के लिए 3.45 लाख रुपये और गांव सारंगपुर में दूषित पानी की निकासी के लिए 6 लाख रुपये का बजट जारी किया गया है।
सरकार के स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण प्रबंध समिति के तहत इस परियोजना के लिए बजट को स्वीकृति दी जा चुकी है। जल्द ही विभाग की ओर से टेंडर जारी कर इस परियोजना पर काम शुरू हो जाएगा। -नैना सिंह चौटाला, विधायक, बाढड़ा