स्वास्थ्य विभाग ने सिविल अस्पताल में परिसर में आंखों की जांच के लिए अलग से ब्लॉक बनाने की योजना तैयार की है। मुख्यालयों के निर्देश पर प्रपोजल तैयार करने के लिए पीडब्ल्यूडी को जिला अधिकारियों ने पत्र लिख दिया है। इसका प्रपोजल और एस्टिमेट तैयार कर सरकार को भेजा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार नए ब्लॉक में आंखों के ऑपरेशन के लिए ऑपरेशन थिएटर भी बनाया जाएगा। अस्पताल में ऑपरेशन सुविधा शुरू होने के बाद मरीजों को रोहतक या भिवानी की भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी।
दादरी जिले में करीब ढाई माह पहले आंखों के विशेषज्ञ की नियुक्ति हुई है। कई सालों तक आंखों के विशेषज्ञ का पद सिविल अस्पताल में खाली रहा। पिछले दो माह से आंखों की ओपीडी जारी है। अब विशेषज्ञ मिलने के बाद आंखों की जांच सुविधा का दायरा बढ़ाने में संसाधनों की कमी आड़े आ रही है। इस समय आंखों के मरीजों को नाममात्र सुविधा मिल पा रही है।
सिविल अस्पताल में आंखों की ओपीडी एक कमरे में चल रही है। यहां ऑपरेशन सुविधा नहीं है। जिला अस्पताल पर 172 गांवों के लोग निर्भर हैं। जिले में तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 14 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी हैं। आंखों की जांच के लिए इन सीएचसी और पीएचसी के अधीन आने वाले गांवों के लोग सिविल अस्पताल पर ही निर्भर है। स्वास्थ्य विभाग ने अब आंखों की जांच की सुविधाओं में विस्तार करने की योजना तैयार की है और इसके तहत ही अस्पताल परिसर में नए ब्लॉक का निर्माण करवाया जाएगा।
पीडब्ल्यूडी की टीम करेगी साइट का निरीक्षण
स्वास्थ्य विभाग ने सिविल अस्पताल परिसर में आंखों का ब्लॉक बनवाने के लिए जगह का चयन कर लिया है। डिप्टी सीएमओ संजय गुप्ता ने बताया कि नया ब्लॉक ओपीडी ब्लॉक (पुराना भवन) के समीप बनवाया जाएगा। अगले दो दिनों में पीडब्ल्यूडी की टीम साइट का निरीक्षण कर अगली कार्रवाई शुरू कर देगी।
प्रतिदिन 25 मरीज ऑपरेशन के लिए होते हैं रेफर
सिविल अस्पताल में आंखों की दैनिक ओपीडी 100 से पार है। इनमें से 25 फीसदी ओपीडी आंखों के ऑपरेशन की होती है। ऐसे मरीजों को सिविल अस्पताल से भिवानी रेफर किया जा रहा है। वहां जाकर उन्हें आंखों का ऑपरेशन करवाना पड़ रहा है। एक माह में करीब 400 से 500 मरीज आंखों के ऑपरेशन के लिए रेफर किए जाते हैं।
दस से 60 हजार है ऑपरेशन का खर्च
सिविल अस्पताल से रेफर करने के बाद कई मरीज निजी अस्पतालों में जाकर आंखों का ऑपरेशन करवा लेते हैं। आंखों के ऑपरेशन पर खर्च 10 से 60 हजार के बीच आता है। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर लोग निजी अस्पताल में जाकर आंखों का ऑपरेशन करवाने में असमर्थ हैं।
आंखों की जांच के लिए नया ब्लॉक बनाने की योजना हमने तैयार कर ली है। पीडब्ल्यूडी अधिकारी इसका प्रपोजल तैयार करेंगे। आंखों का सर्जन हमारे पास है और जल्द से जल्द इस योजना को सिरे चढ़ाया जाएगा।
डॉ. सुदर्शन पंवार, सीएमओ, चरखी दादरी
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से पत्र हमें मिल चुका है। जल्द ही चयनित साइट का निरीक्षण कर हम अगली कार्रवाई शुरू कर देंगे।
सुरेंद्र दलाल, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी